महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में शामिल होते हुए, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन का महिला आरक्षण से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। राहुल गांधी ने इसे शर्मनाक कृत्य कहा। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दबाने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जाति जनगणना से बचना चाहती है।उनका कहना है कि यह ओबीसी समुदाय से उनका हक छीनने की कोशिश है।उन्होंने संसद में कहा कि यह ऐतिहासिक तथ्य है कि दलितों और ओबीसी के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हुआ है। अब भी उन्हें सत्ता से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि संविधान के ऊपर मनुवाद जैसी सोच हावी है। सरकार जाति जनगणना को लेकर भ्रम फैला रही है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बार-बार यह कह रहे हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है और यह दावा किया जा रहा है कि घरों में जाति नहीं होती। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि असली मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए किया जाएगा या नहीं।
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि देश के दक्षिण, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे भारत संघ के बराबर हिस्सेदार हैं और उनका प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा।उन्होंने कहा कि कोई भी भारतीय संघ पर हमला नहीं होने देगा और सभी को समान अधिकार मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दलित और पिछड़े समुदायों को केवल नाम के तौर पर हिंदू कहती है, लेकिन सत्ता में उन्हें उचित स्थान नहीं देती। राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी नेतृत्व यह भ्रम रखता है कि वही भारत की जनता है और वही सशस्त्र बल है, जबकि यह गलत है।उन्होंने कहा कि उनका हमला जनता या सेना पर नहीं, बल्कि बीजेपी की नीतियों पर है।
महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर राहुल गांधी के बयानों, जिसमें उन्होंने इसे ‘परिसीमन के जरिए सत्ता पर कब्जा’ और ‘ओबीसी-दलित विरोधी’ बताया, पर बीजेपी और समर्थकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।बीजेपी ने उनके बयानों को झूठ और संसद की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण से डरे हुए हैं और हमेशा गलत जानकारी फैलाकर सदन से भाग जाते हैं।
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी और समर्थकों की मुख्य प्रतिक्रियाएं निम्नलिखित है:-
अनुराग ठाकुर (BJP सांसद) ने कहा कि राहुल गांधी ने अपना भाषण दिया और दूसरों की बात सुने बिना ही सदन से चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बार-बार “गलत” बातें कहते हैं और सदन के नियमों के विरुद्ध व्यवहार करते हैं।
बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का अभूतपूर्व सशक्तिकरण हुआ है और कांग्रेस महिला आरक्षण का सिर्फ विरोध कर रही है।राहुल गांधी द्वारा सरकार को ‘जादूगर’ कहने पर बीजेपी सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे अपमानजनक बताया।
बीजेपी ने यह सुनिश्चित किया कि महिला आरक्षण से ओबीसी और दलितों के अधिकार नहीं छीने जा रहे हैं, बल्कि इसे और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।

