न्यूज़ डेस्क
एक तरफ महाराष्ट्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की बात चल रही है। इस विस्तार को लेकर पिछले दिनों सीएम शिंदे ने फडणवीस के साथ अमित शाह से मुलाकात भी की थी। लेकिन अब जो कहानी सामने आ रही है उससे शिंदे गुट में घमासान होना तय है। ‘दिव्य मराठी’ न्यूज़ पोर्टल के अनुसार, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी आलाकमान की तरफ से शिंदे गुट के पांच मंत्रियों को बाहर करने की सलाह दी गई है. इनमें से तीन मंत्री मराठवाड़ा के हैं। इन पांच मंत्रियों के स्थान पर नए लोगों को अवसर देने को कहा गया है।
इन मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री संदीपन भुमरे, कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार, स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत, जल आपूर्ति मंत्री गुलाब पाटिल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री संजय राठौड़ शामिल हैं। बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से शिंदे-फडणवीस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हैं।
अब ये बात सामने आ रही है कि मौजूदा कैबिनेट में शिंदे गुट के पांच मंत्रियों के कामकाज से बीजेपी आलाकमान नाखुश है। इसलिए चर्चा है कि बीजेपी ने संदीपन भुमरे, अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत, गुलाबराव पाटिल और संजय राठौड़ को मंत्री पद से हटाने और उनकी जगह अन्य विधायकों को चुनने की सलाह दी है।
सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है कि अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे संकट में हैं। वो सोच रहे हैं कि शिवसेना में बगावत के दौरान उनका साथ देने वाले लोगों को कैसे हटाया जाए। इसलिए ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे क्या फैसला लेते हैं।
उद्धव शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी मंत्रियों को हटाने को लेकर बीते शुक्रवार को बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे से शिवसेना के कुछ मंत्रियों को हटाने को कहा है। एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने भी संजय राउत के बयान को दोहराया था. हालांकि शिंदे गुट ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया था।
शिंदे-फडणवीस सरकार बनने के बाद इस सरकार के सभी मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखने के लिए बीजेपी का एक अलग सिस्टम बनाया गया था। ‘दिव्य मराठी’ के अनुसार, ये मंत्री आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कितने काम आएंगे, इसका भी अध्ययन किया गया। जिसमें शिंदे गुट के 5 मंत्रियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है। इसकी रिपोर्ट बीजेपी आलाकमान को दे दी गई है। अगर ऐसा होता है तो शिंदे गुट में फुट पड़ना निश्चित मन जा रहा है।

