अखिलेश अखिल
पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और राहुल गाँधी के साथ कांग्रेस नेताओं की अहम् बैठक हुई थी। उस बैठक में और किन किन मुद्दों पर बात हुई इसके बारे में कोई कोई आधारिक बयान तो सामने नहीं हैं लेकिन सूत्रों के हवाले से जो बाते सामने आई है उससे यही लगता है कि कांग्रेस फिर से अपने पुराने नेताओं को एक साथ लाने की योजना पर काम कर रही है। राहुल गाँधी भी चाहते हैं कि चाहे जिस कारण से हमारे नेता हम से दूर हो गए हों लेकिन मौजूदा समय में उन्हें साथ लाने की जरूरत है। कह सकते हैं कि राहुल गाँधी और पार्टी अध्यक्ष सभी ओल्ड नेताओं को पार्टी में वापसी चाहते हैं। पार्टी को लग रहा है कि ओल्ड नेता और युवा चेहरा मिलकर पार्टी को और भी मजबूत कर सकते हैं।
पार्टी की यह पहल कहाँ तक सफल होगी यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन खबर मिल रही है कि पार्टी के कई नेता वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के संपर्क में हैं और खबर तो यह भी है कि पार्टी में वापसी के मुद्दे पर उनसे कई बार बात हुई है। कपिल सिब्बल भी यही चाहते हैं कि कांग्रेस में उनकी वापसी हो। अभी सिब्बल राज्य सभा सदस्य हैं और सपा के सहयोग से वे राज्य सभा पहुंचे हैं।
कपिल सिब्बल पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं। लेकिन पिछले साल कुछ बातों को लेकर वे पार्टी से खुद को अलग कर लिए थे। लेकिन इसके बाद भी वे राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा की प्रशंसा करते रहे और अभी भी पार्टी के सभी पुराने मुकदमो को वही देख रहे हैं। वे आज भी पार्टी की नीतियों की चर्चा करते हैं और विपक्षी एकता के भी हिमायती है। कहा जा रहा है कि एक दो बैठक के बाद कपिल सिब्बल पार्टी सकते हैं। पार्टी को भी उनकी जरूरत हो गई है।
उधर पंजाब के बड़े नेता रहे कैप्टेन अमरिंदर सिंह हलाकि चुके हैं लेकिन खबर है कि पार्टी के कई नेता उनसे भी संपर्क बनाये हुए हैं। पिछले पंजाब चुनाव के दौरान कई राजनीतिक उलटफेर से नाराज होकर कैप्टेन पार्टी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई थी। बाद में वे बीजेपी में चले गए। मौजूदा समय में कैप्टेन की जरूरत कांग्रेस को भी हो रही है और कैप्टेन के पास भी बीजेपी के भीतर कोई काम नहीं रह गया है। खबर है कि कैप्टेन के साथ कांग्रेस नेताओं ने दो बार बात की है। हालांकि अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है लेकिन कहा जा रहा है कि एक दो बैठक के बाद कैप्टेन की वापसी हो सकती है।
हालांकि पिछले कुछ समय में कांग्रेस पार्टी छोड़कर कई नेता दूसरे दलों में गए हैं। कांग्रेस उन सभी नेताओं से बात कर रही है। एक बड़ा नाम गुलाम नबी आजाद भी हैं। पार्टी उनसे भी बात कर रही है। लेकिन आजाद की तरफ से कोई फ़्रुइटफ़ुल बाते सामने नहीं आयी है। हालांकि कांग्रेस चाह रही है कि आजाद की भी वापसी हो लेकिन आजाद की वापसी को लेकर संशय बना हुआ है। वे हालांकि गाँधी परिवार के काफी करीब रहे हैं लेकिन पिछले महीनो में वे गाँधी परिवार पर काफी कुछ बोल भी गए हैं। अपनी किताब में भी उन्होंने गाँधी परिवार की काफी आलोचना की है।
