पहले पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम में बलूचिस्तान पर आतंकियों के ठिकाने पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भी ईरान में मौजूद बलूच आतंकियों के ठिकाने पर हमले करने का दावा किए जाने की बात सामने आ रही है। इस दावे के अनुसार पाकिस्तान ने भी फाइटर जेट्स और मिसाइलों के जरिए बलूच आतंकियों के ईरान स्थित अड्डों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान अपनी सेना को पाकिस्तान से सटी सीमा की तरफ भेज रहा है, तो वहीं पाकिस्तान ने भी इसी तरह की तैयारी शुरू कर दी है ।ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि क्या रूस- यूक्रेन और इजरायल – गाजा पट्टी के बाद पाकिस्तान- ईरान तीसरा युद्ध क्षेत्र बनेगा। अगर ऐसा होता है तो किसकी स्थिति कैसी रहेगी इसे जानने के लिए जानते हैं दोनों देशों के मिलिट्री क्षमता को।
सैनिकों की संख्या
मैन पावर से लेकर रिजर्व और पारा मिलिट्री जैसे हर मामले में पाकिस्तान ईरान से बेहतर है ।पाकिस्तान के पास मौजूद मैनपॉवर 10.5 करोड़ है, जबकि ईरान के पास यह संख्या 4.0 करोड़ है। पाकिस्तान के पास सर्विस के लिए फिट 8.42 करोड़ लोग हैं तो ईरान के पास 4.11 करोड़ लोग ही सर्विस के लिए फिट हैं। पाकिस्तान के पास 6.5 लाख एक्टिव पर्सनल है, तो ईरान के पास यह संख्या 6.11 लाख ही है।पाकिस्तान के पास रिजर्व सैनिकों की संख्या 5.50 लाख है जबकि ईरान के पास यह संख्या 3.50 लाख ही है। पाकिस्तान के पास मौजूद पैरामिलिट्री फोर्स की संख्या 5 लाख है ,जबकि ईरान के पास इसकी संख्या 2.20 लाख है।
हवाई ताकत में भी पाकिस्तान ईरान से आगे है
बात अगर एयरक्राफ्ट की करें तो पाकिस्तान के पास इसकी कुल संख्या 1434 है ,जबकि ईरान के पास एयरक्राफ्ट की कुल संख्या 551 है ।पाकिस्तान के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की संख्या 387 है जबकि ईरान के पास इसकी संख्या 186 है। अगर बात अटैकिंग एयर क्राफ्ट की की जय तो पाकिस्तान के पास इसकी संख्या 90 है और ईरान के पास इसकी संख्या 23 है। पाकिस्तान के पास 60 ट्रांसपोर्ट प्लेन है ,जबकि ईरान के पास 86 ट्रांसपोर्ट प्लेन है।पाकिस्तान के पास 549 ट्रेनर विमान है जबकि ईरान के पास 102 ट्रेनर विमान है।हेलीकॉप्टर की संख्या पर नजर डालें तो पाकिस्तान के पास 352 हेलीकॉप्टर से जबकि ईरान के पास 129 हेलीकॉप्टर है।
तोपों और आर्टिलरी के मामले में भी ईरान कमजोर
दोनों देशों के पास मौजूद टैंकों की बात की जाए तो पाकिस्तान के पास 3742 टैंक है,जबकि ईरान के पास मौजूद टैंकों की संख्या1996 है। पाकिस्तान के पास 50523 बख्तरबंद गाड़ियां हैं, जबकि ईरान के पास बख्तर बंद गाड़ियों की संख्या 65765 है।पाकिस्तान के पास 752 सेल्फप्रोपेल्ड आर्टिलरी है, जबकि ईरान के पास इसकी संख्या 580 है। पाकिस्तान के पास 9 मोबाइल रॉकेट लॉन्चर्स हैं, जबकि ईरान के पास पांच मोबाइल रॉकेट लांचर हैं।
पाकिस्तान से ज्यादा पनडुब्बियां है ईरान के पास
पाकिस्तान की कुल नौसैनिक फ्लीट 114 है, जबकि ईरान की 101। इसमें सारे जंगी जहाज और पनडुब्बियों शामिल हैं। लेकिन बात अगर सिर्फ पनडुब्बियों की की जाए तो पाकिस्तान के पास आठ पनडुब्बियों हैं जबकि ईरान के पास 19 सबमरीन है।
ईरान के पास हवाई अड्डे की संख्या पाकिस्तान की दोगुनी
युद्ध में लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए पाकिस्तान के पास 151 हवाई अड्डे हैं जबकि ईरान के पास हवाई अड्डों की संख्या 319 है,जो पाकिस्तान की संख्या की दोगुनी से भी ज्यादा है। पाकिस्तान के पास मर्चेंट जहाज 58 है जबकि ईरान के पास मर्चेंट जहाज की संख्या इससे कई गुना ज्यादा 942 है ।पाकिस्तान के पास दो बंदरगाह है जबकि ईरान के पास चार बंदरगाह है। ये सभी चीज युद्ध के दौरान बैकअप सपोर्ट का काम करती है।

