न्यूज़ डेस्क
तेजी से बदलती राजनीति में कांग्रेस के लिए भी करो य मारो की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस को भी लग रहा है कि अगर इस चुनाव में चूक गए तो आगे का खेल और भी ख़राब हो सकता है। इसलिए कांग्रेस अपनी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। कांग्रेस अपने उन नेताओं को भी मैदान में उतार सकती है जो काफी समय से हाशिये पर चले गए थे। खबर मिल रही है कि इस बार कांग्रेस राज बब्बर और गोविंदा को भी चुनावी मैदान में खड़ा कर सकती है।
राज बब्बर य़ूपी की फिरोजाबाद सीट से सांसद रह चुके हैं जबकि राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं। वहीं, गोविंदा भी कांग्रेस के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2004 लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तर सीट से चुनाव जीता था।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने राज बब्बर को टिकट दिए जाने की चर्चा पर कहा, ”हमारे पास राज बब्बर हैं. गोविंदा हैं और बहुत सारे हैं। जिनका राजनीतिक अनुभव और सामर्थ्य भी हैं. उनको डाका डालने दो हम सही समय पर अपने पत्ते खोलेंगे। ” वहीं, राहुल गांधी की न्याय यात्रा को लेकर पटोले ने कहा, ”12 मार्च को महाराष्ट्र में नंदूरबार जिले से यात्रा प्रवेश करेगी और 17 मार्च को मुंबई में समापन होगा। शिवाजी पार्क पर बड़ी सभा होगी. इसमें इंडिया गठबंधन के सभी बड़े नेता उपस्थित रहेंगे।”
वंचित बहुजन अघाड़ी के चीफ प्रकाश अंबेडकर पर नाना पटोले ने कहा कि ”वह कल की एमवीए की मीटिंग में शामिल थे। उन्होंने खुद कहा कि अगली मीटिंग में फ़ैसला होगा। मुझे विश्वास है कि लोकतंत्र बचाने के लिए वो हमारे साथ होंगे। ” प्रकाश अंबेडकर ने बुधवार को एमवीए की बैठक में शिरकत की थी।
बताया जा रहा है कि प्रकाश अंबेडकर ने यह शर्त रखी कि उनकी पार्टी का प्रभाव 27 सीटों पर है लिहाजा उन्हें सबसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मांग की कि एमवीए के उम्मीदवारों में 13 ओबीसी और दो मुस्लिम चेहरे शामिल किए जाएंगे। उनकी इन मांगों के कारण यह बैठक बेनतीजा रही और कुछ फैसला नहीं हो पाया।
