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जानिए एनडीए में शामिल होने के सवाल पर चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा ?

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न्यूज़ डेस्क

एनडीए के संस्थापकों में से एक चंद्रबाबू नायडू आजकल किसी भी गठबंधन से अलग हैं। वीअपक्षी गठबंधन से जुड़े लोगों ने भी नायडू से संपर्क साधा था लेकिन उनका कोई साफ़ जवाब नहीं मिला। सच तो यही है कि पूर्व मुख्यमंत्री नायडू एक समय एनडीए के काफी मजबूत नेताओं में शुमार रहे हैं और सत्ता पर भी उनकी काफ पकड़ रही है। लेकिन आंध्रपदेश के बंटवारे के बाद उनकी राजनीति कमजोर पड़ती गई और जगन रेड्डी की राजनीति के सामने पिछड़ते चले गए। हालांकि आज भी नायडू बीजेपी के काफी नजदीक हैं और मोदी सरकार के फैसले पर अपना समर्थन भी देते रहते हैं लेकिन वे एनडीए में शामिल नहीं हैं।
         अब एक बार फिर से चंद्रबाबू नायडू को लेकर खबर आने लगी है। कहा जा रहा है कि वे जल्द ही एनडीए के साथ आएंगे।हालांकि अटकलों के बीच, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने सही समय आने पर बात करने को कहा है।
             एनडीए में शामिल होने की उनकी योजना के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने कहा कि अभी एनडीए सरकार में शामिल होने के बारे में बात करने का समय नहीं है। मैं सही समय पर इस बारे में बात करूंगा। दरअसल, पोर्ट सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में विजन-2047 दस्तावेज जारी करने के बाद नायडू पत्रकारों से बात कर रहे थे। गौरतलब है, एनडीए के संस्थापकों में से एक चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने से केंद्र के इनकार के विरोध में पार्टी छोड़ दी थी।
              नायडू ने कहा कि अगले साल राजनीति के लिए मेरी भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता आंध्र प्रदेश है। यह मेरा बड़ा एजेंडा है। मैं राज्य के पुनर्निर्माण के लिए तैयारी करूंगा।अमरावती राजधानी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए टीडीपी प्रमुख ने कहा कि सीएम जगन मोहन रेड्डी विधानसभा में बैठे हैं। वे सचिवालय में बैठे हैं। वे कैबिनेट बैठक कहां कर रहे हैं? क्या यह अस्थायी है? उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी क्या बकवास कर रहे हैं। पिछले दस वर्षों से वे काम कर रहे हैं। और कह रहे हैं कि सब कुछ तैयार हो गया।
              उन्होंने कहा कि हमने आंध्र प्रदेश के लिए विश्व स्तरीय राजधानी की योजना बनाई। मैंने नौ वर्षों के लिए व्यवस्थित रूप से हैदराबाद के लिए सबसे अच्छे पारिस्थितिकी तंत्र में से एक की योजना बनाई। गौरतलब है, आंध्र प्रदेश राज्य को जून 2014 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विभाजित किया गया था। एपी पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी बन गया और आंध्र प्रदेश को दस वर्षों के भीतर अपने लिए एक नई राजधानी ढूंढनी थी। तब तक हैदराबाद दोनों राज्यों की राजधानी रहनी है।
                  इस साल जनवरी में, जगन मोहन ने घोषणा की थी कि विशाखापत्तनम राजधानी बनने जा रहा है, लेकिन किसी भी राज्य विधानसभा चर्चा या किसी आधिकारिक दस्तावेज में इसका कोई उल्लेख नहीं है। बाद में, वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सभी हिस्सों में विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न शहरों में तीन राजधानियां बनाने का निर्णय लिया था।
             मौजूदा राजनीति का सच यह है कि बीजेपी नायडू से भी सम्बन्ध रकना चाह रही है और जगन रेड्डी को भी नहीं छोड़ना चाह रही है। बीजेपी को लग रहा है कि अगर दोनों में किसी एक को एनडीए में लाया गया तो दूसरा नाराज हो सकता है। ऐसे में बीजेपी भी चाहकर भी कोई फैसला नहीं ले पा रही है। जगन रेड्डी अभी सत्ता में हैं और उनके साथ कई सांसद भी है जो हर समय केंद्र सरकार को मदद करते हैं। बीजेपी दोनों पार्टियों को अपने साथ रखना चाहती है लेकिन ये दोनों पार्टियां एक साथ रहना नहीं चाहती क्योनी दो पार्टियां राज्य में एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं।

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