अखिलेश अखिल
आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कई दिग्गज नेता टिकट से वंचित हो सकते हैं। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव लड़ने से साफ़ मन कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके ऊपर पार्टी को जीताने की जिम्मेदारी है ऐसे में उनका चुनाव लड़ना ठीक नहीं है। नड्डा ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लड़ा जायेगा।
लेकिन बड़ी खबर ये भी है कि पार्टी इस बार कई नेताओं को टिकट नहीं देने जा रही है। पार्टी संगठन के कई नेता इस बार चुनाव में हिस्सा लेंगे जबकि कई बड़े नेताओं को चुनाव लड़ने से अलग किया जायेगा। जानकारी के मुताबिक पार्टी के भीतर जिस तरह के मंथन चल रहे हैं उसमे इस बात को लेकर मंथन है कि संगठन के कई महासचिव ,सचिव और उपाध्यक्ष और प्रवक्ता को भी मैदान में उतारा जा सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली से हंस राज हंस को टिकट से वंचित किया जा सकता है। हंस राज हंस अभी दिल्ली की सुरक्षित सीट उत्तर पश्चिम से सांसद हैं। जानकारी मिल रही है कि यहाँ से दुष्यंत गौतम को मैदान में उतारा जा सकता है। बीजेपी के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि दिल्ली की दलित बहुल सीट से दुष्यंत गौतम को लड़ाया जाए क्योंकि उनकी पहुँच भी अच्छी है। हंसराज हंस को पार्टी पंजाब से कही मैदान में उतार सकती है।
बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम शुक्ल को सुल्तानपुर से मैदान में उतरने की बात चल रही है। अभी वहां से मेनका गाँधी सांसद है।माना जा रहा है कि बार भाजपा मेनका गांधी का टिकट काट सकती है और ऐसी स्थिति में प्रेम शुक्ला को यहां से भाग्य आजमाने का अवसर मिल सकता है। इसके साथ ही वरुण गाँधी की भी टिकट कट सकती है। साबित पात्रा को फिर से पूरी सीट से लड़ाने की बात की जा रही है। पिछली बार पात्रा वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे।
भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल इस समय गौतम बुद्ध नगर यानी ग्रेटर नोएडा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। आर्थिक मामलों के जानकार नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल यूपी की आर्थिक राजधानी के तौर पर उभर रहे नोएडा में काफी प्रभावी हो सकते हैं। यही कारण है कि माना जा रहा है कि भाजपा वर्तमान सांसद महेश शर्मा का टिकट काटकर उन्हें यहां से मैदान में उतार सकती है।
जनकारी यह भी मिल रही है कि करीब चार दर्जन से ज्यादा मौजूदा सांसदों को इस बार टिकट नहीं दिया जायेगा। जिन लोगों की उम्र 75 की सीमा पार कर गई है उन्हें टिकट से वंचित किया जा सकता है। इसके साथ ही जिन सांसदों का जनता के साथ ज्यादा मेल मिलाप नहीं है उन्हें किसी भी सूरत में टिकट नहीं दिया जायेगा।

