न्यूज़ डेस्क
गठबंधन चलाना कोई मामूली खेल तो है नहीं। और वह भी बिहार में। जितने नेता उतने दर्शन। पार्टी की राजनीति कुछ और और पार्टी के नेता के दर्शन कुछ और। पार्टी में रहकर भी पार्टी के खिलाफ बोलना और टोकने पर आँख भी दिखाना। यह बिहार का राजनीतिक मिजाज है। बिहार का यही मिजाज कई दूसरे राज्यों से उसे अलग रखता है। कह सकते हैं कि वहां सबकी अपनी राजनीति है। यही वजह है कि बार -बार यह सवाल उठता है कि बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में सब कुछ ठीकठाक नहीं कहल रहा है। कभी भी वहां महाविस्फोट हो सकता है। लेकिन सबको सात लेकर नीतीश कुमार आगे बढ़ रहे हैं।
महागठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजद एमएलसी सुनील सिंह पर गृह मंत्री अमित शाह के साथ तस्वीर के बाद भड़क गए। सुनील सिंह ने भी मुख्यमंत्री को जवाब दिया। कहा जाता है कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बीच में आना पड़ा।
इधर, बैठक से बाहर निकलने के बाद सुनील सिंह ने पत्रकारों से चर्चा की और मुख्यमंत्री को आईना दिखाया। सिंह ने कहा कि मेरी इमानदारी पर इस देश का कोई भी व्यक्ति शंका नहीं कर सकता है। 27 साल से मैंने कितने झंझावात और तूफान देखा, फिर भी चट्टान की तरह लालू प्रसाद के साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि कल भी थे, आज भी हैं और जब तक जिंदा हैं तब तक रहेंगे, बाकी जिसे जो समझना है, समझता रहे।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार के नजदीक माने जाने वाले सुनील सिंह ने कहा कि मैं बिस्कोमान का अध्यक्ष हूं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश के सहकारिता मंत्री हैं और बिस्कोमान भी उन्हीं के अधीन आता है। सहकारिता के सरकारी कार्यक्रम में अमित शाह आये हुए थे। एक जुलाई को पूरे देश का सहकारिता सम्मेलन हुआ, उसमें प्रधानमंत्री भी आये। मैं उसमें शामिल था और उस फोटो को मैंने अपने पेज पर लगाया है। उन्होंने कहा कि ये नहीं है कि किसी के कोठी में मिल रहे हैं औऱ किसी के रूम में मिल रहे हैं। उसी फोटो को लेकर बात का बतंगड़ बनाया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुनील सिंह ने कहा, मुझे किसी के शंका करने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हमको अपनी पार्टी से मतलब है। उन्होंने कहा कि मैं लालू प्रसाद और उनके परिवार के साथ हूं। हम कोई पार्टी से जुड़े व्यक्ति नहीं है। हमारा परिवार का संबंध है, भावनात्मक संबंध है।
