दिशा सालियान केस में किस मिस्ट्री गर्ल मामले को सुलझाने में लगी CBI?

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दिशा सालियान मौत मामले में मुंबई पुलिस की जांच फाइल से एक ऐसा बड़ा विरोधाभास सामने आया है, जिसने पूरे केस को फिर से लीगल थ्रिलर मोड पर ला खड़ा किया है। अब तक की पुलिस थ्योरी और रोहन राय समेत अन्य दोस्तों के बयानों के मुताबिक, 8 जून 2020 की उस खौफनाक रात दिशा को हिमांशु शिखारे, इंद्रनील वैद्य और दीप अजमेरा अस्पताल लेकर गए थे यानी सिर्फ तीन पुरुष. लेकिन अस्पताल में ऑन-ड्यूटी तैनात पुलिस सिपाही के 15 जून 2020 को दर्ज आधिकारिक बयान ने इस पूरी कहानी में एक नया मोड़ ला दिया है।

15 जून 2020 को एपीआई राहुल देवड़े द्वारा दर्ज कराए गए बयान (पृष्ठ 231) के अनुसार, शताब्दी अस्पताल डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में तैनात कांस्टेबल संतोष काचिराथ गुंगुणे (बकल नंबर 093127) ने साफ कहा था कि ऑन-ड्यूटी डॉक्टर धर्मेश ने उन्हें रात 2:10 बजे बताया कि एक बेसुध युवती को इलाज के लिए दो लड़के और एक लड़की लेकर आए हैं। सिपाही जब एमएलसी (MLC) रजिस्टर में एंट्री करने पहुंचा तो वहां मौजूद एक लड़के ने अपना नाम हिमांशु शिखारे बताया और पीड़िता की पहचान दिशा सतीश सालियन (28 वर्ष) के रूप में दी। लेकिन उस वक्त साथ आई तीसरी शख्स यानी उस लड़की का नाम रजिस्टर में दर्ज ही नहीं किया गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह मिस्ट्री गर्ल कौन थी? क्या पुलिस ने उसकी पहचान करने या उसका अलग से बयान दर्ज करने की कोशिश की? जिस रात दिशा को अस्पताल लाया गया, उस समय अस्पताल के बाहर कौन-सी गाड़ी रुकी, उससे कौन-कौन उतरा और स्ट्रेचर के साथ अंदर कौन गया। ये सारे जवाब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से मिनटों में साफ हो सकते थे। लेकिन क्या मालवणी पुलिस ने उस वक्त अस्पताल की फुटेज जब्त की थी? अगर फुटेज ली गई थी तो उसका रिकॉर्ड और उस लड़की की तस्वीर जांच रिपोर्ट से गायब क्यों है?

इस नए खुलासे के बाद इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या शताब्दी अस्पताल में मौजूद यह लड़की वही मिस्ट्री गर्ल थी, जिसकी चर्चा सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके घर के बाहर देखे गए वीडियो में हुई थी? हालांकि, ये महज दावे हैं और जब तक आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने नहीं आते, इन्हें पुख्ता सच नहीं माना जा सकता। लेकिन सवाल फिर भी वही है, क्या दोनों महिलाओं के बीच कोई लिंक था या ये दोनों पूरी तरह अलग थीं?
सीडीआर, मोबाइल लोकेशन और पुलिस जांच की जरूरत
कानूनी और तकनीकी नजरिए से देखें तो इस रहस्य से पर्दा उठाना अब भी नामुमकिन नहीं है।उस रात अस्पताल में मौजूद हिमांशु शिखारे और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से दोबारा सख्ती से पूछताछ कर उस लड़की का नाम-पता आसानी से निकाला जा सकता है। इसके अलावा, यदि उस अज्ञात महिला का मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर डंप डेटा खंगाला जाए, तो यह साफ हो जाएगा कि वह उस वक्त अस्पताल क्यों पहुंची थी और उसका इस मामले के मुख्य किरदारों से क्या संबंध था।

पुलिस फाइल में दर्ज कांस्टेबल संतोष गुंगुणे का बयान एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। इसमें डॉक्टर के हवाले से साफ लिखा है कि एक युवती बेहोश अवस्था में है। उसे दो लड़के और एक लड़की इलाज कराने के लिए लेकर आए हैं। जब केस के बाकी कागजातों में सिर्फ पुरुषों का जिक्र है, तो आधिकारिक एमएलसी और सिपाही की रिपोर्ट में दर्ज वह ‘मिस्ट्री गर्ल’ हवा में गायब कैसे हो गई? इस एक अनसुलझे सवाल का जवाब ही दिशा सालियान मौत मामले के सबसे बड़े सच से पर्दा उठा सकता है।
दिशा सालियान (Disha Salian) मामले में हाल ही में एक ‘मिस्ट्री गर्ल’ (रहस्यमयी लड़की) के देश छोड़कर विदेश भागने या छिपे होने की चर्चा और दावे सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे हैं। इस चर्चा के केंद्र में मुख्य रूप से राधिका नेहलानी नाम की लड़की का नाम सामने आ रहा है।
सोशल मीडिया और कुछ चर्चाओं में इस अज्ञात महिला की भूमिका और पहचान को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।आरोपियों के द्वारा इसे सीबीआई की जांच से बचाने के लिए विदेश में अपने खर्चे से बसाने की बात भी कही जा रही है।हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी विशिष्ट व्यक्ति के विदेश भागने की पुष्टि नहीं हुई है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। वर्तमान में सीबीआई की विशेष अपराध इकाई इस अज्ञात महिला की पहचान स्थापित करने और घटना की रात की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और संबंधित बयानों की जांच कर रही है।

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