नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में इंटरपोल की बैठक में शामिल होने भारत आए पाकिस्तानी अफसर की दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का नाम सुनते ही बोलती बंद हो गयी। और पल्ला झाड़ते हुए अपनी सीट पकड़कर बैठ गए।
दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद का नाम सुनते ही बोलती हो गयी बंद
दरअसल पाकिस्तान की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के डायरेक्टर जनरल मोहसिन बट से जब मीडिया कर्मियों ने सवाल करना चाहा तो वह पहले ही बोलने से इनकार करने लगे। हालांकि पत्रकार ने उन्हें पूछ ही लिया कि पाकिस्तान कब दाऊद और आतंकी हाफिज सईद को भारत को सौंपेगा। इसपर पाकिस्तान अफसर के मुंह पर ताला लग गया।
#WATCH | Pakistan’s director-general of the Federal Investigation Agency (FIA) Mohsin Butt, attending the Interpol conference in Delhi, refuses to answer when asked if they will handover underworld don Dawood Ibrahim & Lashkar-e-Taiba chief Hafiz Saeed to India. pic.twitter.com/GRKQWvPNA1
— ANI (@ANI) October 18, 2022
पाकिस्तान से दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आया है भारत
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के महानिदेशक मोहसिन बट जो इस्लामाबाद के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में 90वीं इंटरपोल महासभा में भाग लेने के लिए भारत आए हैं। एक वीडियो में देखा जा रहा है कि दोनों वांछित आतंकवादियों को भारत को सौंपने के मीडियाकर्मियों के सवाल पर वह चुप्पी साधे हुए हैं और अपने होठों पर उंगली रखे हुए हैं।
भारत में 25 साल बाद हो रही इंटरपोल की बैठक
महासभा इंटरपोल की सर्वोच्च शासी निकाय है, जो अपने कामकाज से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए सालाना बैठक करती है। भारत में इसका आयोजन 25 साल बाद हो रहा है और इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।
इंटरपोल क्या है?
99 साल पहले गठित सुरक्षित सूचना साझाकरण मंच यानी इंटरपोल का दुनियाभर में अपराध पर लगाम कसने के लिए 1923 में गठन किया गया था। यह एक अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है। इसकी स्थापना ऑस्ट्रिया के विएना में हुई थी। इसका मुख्यालय फ्रांस के लियॉन में है। 195 देश इसके सदस्य हैं। हर देश की सरकार प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों को इसमें भेजती है। पिछली बार 1997 में भारत में इंटरपोल की महसभा हुई थी।

