- बीरेंद्र कुमार झा
पश्चिम बंगाल से नीट परीक्षा में पास कराने और मेडिकल कॉलेज में नामांकन का रैकेट चला कर करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़ा करने के आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर अररिया में छापेमारी की गई ।पश्चिम बंगाल की क्राइम ब्रांच की टीम और बिहार एसटीएफ की टीम ने नरपतगंज पुलिस के सहयोग से नरपतगंज बाजार स्थित एक मकान में छापेमारी अभियान चलाया। हालांकि आरोपी युवक पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने आरोपी युवक के चार चक्का वाहन फोर्ड इकोस्पोर्ट को जप्त करते हुए उसके चालक को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। पुलिस उस गिरफ्तार चालक को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई।
आरोपी युवक के रिश्तेदारों के घर में भी देर रात तक हुई छापेमारी
आरोपी युवक के रिश्तेदारों के घर में भी देर रात तक छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी अभियान से नरपतगंज में हड़कंप मच गया ।आरोपी युवक का पैतृक गांव नरपतगंज के मथुरा में है,लेकिन फिलहाल वह अपने पूरे परिवार के साथ नेपाल के सीमावर्ती इनरवा थाना क्षेत्र में रहता है। युवक बंगाल में रहकर गिरोह के माध्यम से ठगी करता था।बताया जाता है कि आरोपी युवक की आगामी 1 मार्च को सुपौल जिला के सिमराही में शादी होनी थी। शादी का कार्यक्रम भी नेपाल के इनरवा में रखा गया था।
रेड के समय अपनी शादी का कार्ड वितरण कर रहा था आरोपी
पश्चिम बंगाल क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस के आधार पर आरोपी युवक की गिरफ्तारी के लिए उस समय छापेमारी अभियान चलाया, जब वह नरपतगंज में अपनी शादी का कार्ड वितरण करने के लिए नरपतगंज आया हुआ था। इस संदर्भ में पश्चिम बंगाल से पहुंची क्राइम ब्रांच के अनुसार नरपतगंज के मथुरा निवासी 26 वर्षीय युवक विक्की कुमार, पिता सुलानंद पोद्दार वर्ष 2015 से कोलकाता में रहकर मेडिकल कॉलेज में फर्जी दाखिला के नाम पर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी वाला करता था।
पूरे गिरोह का पर्दाफाश
पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में दाखिला के नाम पर नरपतगंज के विक्की गिरोह द्वारा वर्ष 2015 से ही छात्रों से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन और नीट की परीक्षा पास कराने के नाम पर उगाही की जाती थी।इस मामले में पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड समेत अन्य राज्य के आरोपी भी शामिल है। इसमें सबसे ज्यादा बिहार प्रदेश के आरोपी शामिल हैं। इस गिरोह में शामिल कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस फर्जीवाड़े मामले में अलग-अलग थाना में 7 से अधिक मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि एक – आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

