Homeदेशफिलिस्तीनियम को शरण देने के लिए तैयार नहीं मुस्लिम देश

फिलिस्तीनियम को शरण देने के लिए तैयार नहीं मुस्लिम देश

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बीरेंद्र कुमार झा

हमास के क्रूर हमलों के जवाब में गाजा पट्टी पर इजरायल के द्वारा लगातार बमबारी की जा रही है।इन हमलों से हताश फिलिस्तीनी खुद के लिए आश्रय स्थल ढूंढ रहे हैं। पड़ोस के देशों में शरण पाने की कोशिश कर रहे हैं।लेकिन मिश्र और जॉर्डन जैसे मुस्लिम देश भी उन्हें स्वीकार करने से हिचक रहे हैं।ये दोनों देश इजराइल की सीमा से सटे हैं ।एक की सीमा गाजापट्टी के साथ तो दूसरे की वेस्ट बैंक के साथ मेल खाती है। गौरतलब है कि जोर्डन में पहले से ही बड़ी संख्या में फिलीस्तीन लोग रह रहे।

फिलिस्तीनी विस्थापितों से शांतिभंग का डर

मिश्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी ने शख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान युद्ध का उद्देश्य सिर्फ गाजा पट्टी पर शासन करने वाले हमास से लड़ना नहीं है, बल्कि नागरिकों को मिस्र की ओर पलायण करने के लिए प्रेरित करने का भी प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे क्षेत्र में शांति भंग हो सकती है। राष्ट्रपति ने कहा कि मिश्रवासी सिनाई में जबरन लाखों फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम मिश्र प्रायदीप को इसराइल के खिलाफ हमले के एक आधार में बदल देगा।

इजराइल जबरन फिलिस्तीनियों को सिनाई की ओर भेजने के प्रयास में

राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी ने काहिरा में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कॉल्ज के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गाजा पट्टी प्रभावी रूप से इजरायल के नियंत्रण में है और उग्रवादियों से निपटने तक फिलिस्तीनियों को इसराइल के नेगेव रेगिस्तान में ले जाया जा सकता है। गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले हमारे हमास आतंकवादियों को खत्म करने के लिए गाजा पर इजरायल कि अभूतपूर्व बमबारी और घेराबंदी ने यह आशंका पैदा कर दी है कि उसके 23 लाख निवासियों को दक्षिण की ओर सिनाई में जाने को मजबूर किया जा सकता है।

सऊदी अरब और अमेरिका ने अपने लोगों को लेबनान छोड़ने के लिए कहा

सऊदी अरब और अमेरिका ने अपने लोगों को लेबनान छोड़ने के लिए कहा है।इसराइल के साथ लेबनान की दक्षिणी सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण सऊदी अरब ने बुधवार को सभी नागरिकों से तुरंत लेबनान छोड़ने के लिए कहा। बेरूत में खाड़ी देश के दूतावास ने कहा कि वह दक्षिणी लेबनान में घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है।यहां एक तरफ हिज्बुल्लाह व हमास आतंकवादियों और दूसरी तरफ इजरायल के बीच गोलीबारी में कम से कम 18 लोग मारे गए हैं।मृतकों में एक पत्रकार भी शामिल है। वहीं अमेरिका ने युद्ध के कारण लेबनान में सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए बेरूत में अपने दूतावास के गैरजरूरी कर्मियों और परिवारों को देश छोड़ने के लिए कहा है।

 

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