रात में एक-दो बार पेशाब के लिए उठना कई लोगों के लिए सामान्य बात हो सकती है, खासकर बढ़ती उम्र में। लेकिन अगर आपको लगभग हर रात दो या तीन बार या उससे ज्यादा बार बाथरूम जाना पड़ता है और इसकी वजह से आपकी नींद बार-बार टूटती है, तो इसे सिर्फ उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रनल सहारे (Dr. Pranal Sahare) के मुताबिक, रात में बार-बार पेशाब आना शरीर में पनप रही किसी दूसरी बीमारी का इशारा भी हो सकता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को नॉक्ट्यूरिया (Nocturia) कहा जाता है।यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि ऐसा लक्षण है जो कई अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में इसकी वजह अलग हो सकती है, इसलिए बिना जांच के किसी नतीजे पर पहुंचना भी सही नहीं है।
अगर आपको रात में सोते समय 2 या उससे ज्यादा बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, तो इसे नॉक्ट्यूरिया कहते हैं।इसकी वजह से नींद बार-बार टूटती है और दिन में थकान लगती है।
2-3 बार पेशाब आना सामान्य है?
इस सवाल का जवाब सभी लोगों के लिए एक जैसा नहीं है।युवा लोगों में पूरी रात बिना पेशाब के सोना आम बात है, जबकि उम्र बढ़ने के साथ रात में एक बार उठना असामान्य नहीं माना जाता।कुछ लोगों में दो बार भी उठना पड़ सकता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, पहले की तुलना में बढ़ जाए या इसकी वजह से नींद पूरी न हो और दिनभर थकान महसूस होने लगे, तो इसकी वजह पता लगाना जरूरी हो जाता है।यही कारण है कि डॉक्टर सिर्फ यह नहीं देखते कि कोई व्यक्ति कितनी बार पेशाब के लिए उठा, बल्कि यह भी समझते हैं कि इससे उसकी सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना असर पड़ रहा है।
रात में बार-बार पेशाब आने की सबसे सामान्य वजह सोने से पहले ज्यादा पानी या अन्य तरल पदार्थ पीना हो सकता है।शाम के समय ज्यादा चाय, कॉफी या शराब का सेवन भी इसका कारण बन सकता है।इसके अलावा डायबिटीज, पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, ओवरएक्टिव ब्लैडर, यूरिन इंफेक्शन, कुछ दवाओं का असर, किडनी या हार्ट से जुड़ी बीमारियां और स्लीप एपनिया जैसी स्लीप डिसऑर्डर भी नॉक्ट्यूरिया की वजह बन सकती हैं। इसलिए अगर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो केवल पानी कम पीने से समाधान नहीं निकलता।
अगर रात में बार-बार पेशाब आने के साथ पेशाब में जलन, दर्द, खून आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, अचानक वजन कम होना, पैरों में सूजन, बुखार या पेशाब करने में कठिनाई जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से जल्द सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह अगर हर रात कई बार नींद टूटने लगी है और दिनभर नींद, चिड़चिड़ापन या थकान बनी रहती है, तब भी मेडिकल जांच कराना जरूरी हो सकता है। ऐसे मामलों में समय पर कारण का पता चल जाए तो इलाज आसान हो सकता है।
नॉक्ट्यूरिया की जांच में डॉक्टर सबसे पहले मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और खानपान की आदतों के बारे में जानकारी लेते हैं।इसके बाद जरूरत पड़ने पर यूरिन टेस्ट, ब्लड शुगर टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट या प्रोस्टेट और ब्लैडर से जुड़ी जांच कराई जा सकती है। कई बार मरीज को कुछ दिनों तक ब्लैडर डायरी रखने की सलाह भी दी जाती है, ताकि यह समझा जा सके कि दिन और रात में कितनी बार पेशाब हो रहा है और शरीर से कितना तरल बाहर निकल रहा है।
अगर समस्या के पीछे कोई गंभीर बीमारी नहीं है, तो कुछ आसान बदलाव राहत दे सकते हैं। सोने से दो-तीन घंटे पहले बहुत ज्यादा तरल पदार्थ लेने से बचना, शाम के बाद चाय और कॉफी सीमित करना, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सही समय तय करना फायदेमंद हो सकता है।हालांकि बार-बार पेशाब आने की समस्या होने पर खुद से दवा शुरू करना या घरेलू उपायों के भरोसे रहना ठीक नहीं है। सही वजह का पता लगने के बाद ही इलाज तय किया जाना चाहिए।
समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और जरूरी जांच कराने से कारण का पता लगाया जा सकता है। कई मामलों में केवल लाइफस्टाइल में बदलाव से राहत मिल जाती है, जबकि कुछ मामलों में बीमारी का इलाज जरूरी होता है।इसलिए शरीर के ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समझना और समय रहते कदम उठाना बेहतर होता है।

