न्यूज़ डेस्क
मणिपुर की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कल दिन भर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे को लेकर ड्रामा चलता रहा और उधर राज्य के कई इलाकों में हिंसक घटनाएं होती रही। एक तरफ राहुल गाँधी की यात्रा की खबरें आ रही थी और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की कहानी चल रही थी। लेकिन गुरुवार की शाम और देर रात तक कई इलाके हिंसा की चपेट में जल रहे थे। कई इलाकों में हुई भारी गोलीबारी में तीन लोगो की मौत की खबर आ रही है। मरने वालों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। इस हिंसक वारदात की जानकारी सेना की तरफ से आयी है। सेना कि कुछ लोगों ने सेना के जवानो पर गोलियां चलाई जिसके बाद मामला और भी उग्र हो गया।
जानकारी के मुताबिक हिंसा की दो घटनाएं हुईं, जिनमें से एक गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे कांगपोकपी जिले में हुई। वहां हथियार बंद लोगों ने गोलीबारी की। इस घटना में दो लोगों की जान गई थी। लोगों ने शवों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया था। इसके अलावा, गुरुवार रात को ही हिंसा की जांच कर रहे एक पुलिसकर्मी की भी गोली लगने से मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि मणिपुर में तीन मई से कुकी और मैती समुदाय के बीच हिंसा जारी है। हिंसा में अब तक करीब 135 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चार सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 80 हजार के करीब लोग विस्थापित हुए हैं। इस बीच राज्य में लगातार हो रही हिंसा को देखते हुए इंटरनेट पर पाबंदी पांच जुलाई तक बढ़ा दी गई है। तीन मई को जब से हिंसा शुरू हुई है तभी से राज्य में इंटरनेट बंद हैI

