कोलकाता के अस्पताल में ड्रग रैकेट का खुलासा करने वाली थी पीड़िता, सहकर्मियों के दावे से मचा हड़कंप

0
110

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर का मामला गरमाया हुआ है। इस घटना के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर की हड़ताल रविवार को भी जारी रही, जिससे राज्य में लगातार 10 वें दिन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई।गौरतलब है कि 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल के अंदर पाया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूरे मामले की जल्दी से जल्दी जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

इस बीच पीड़िता के सहकर्मियों ने घटना को लेकर कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं ।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक कलीग ने बताया कि इस सरकारी अस्पताल में पनिशमेंट पोस्टिंग और लंबी शिफ्ट आम बात हो गई थी।यह भी दावा किया गया कि पीड़िता को शायद मेडिसिन रैकेट के बारे में जानकारी मिल गई थी, जिसका वह पर्दाफाश करना चाहती थी।ऐसा हो सकता है कि इसके लिए उसकी हत्या कर दी गई हो। एक सहकर्मी ने कहा कि हमें संदेह है कि यह बलात्कार और हत्या का स्थान मामला नहीं है। उसे टारगेट बनाया गया है ।आखिर सिविल वालंटियर को यह कैसे पता चला कि वह उस वक्त सेमिनार हॉल में अकेली थी?

पीड़िता के एक सहकर्मी का दावा है कि शायद पीड़िता उस चीज के बारे में बहुत कुछ जानती होगी जिसे उसे नहीं जानना चाहिए था। ऐसी आशंका है कि उसके विभाग में ड्रग सेफनिंग रैकेट चल रहा हो और वहां इसे उजागर करना चाहती थी। मौत के बाद उसके पेरेंट्स ने भी कुछ ऐसी आशंका जताई है,उन्होंने पुलिस को बताया कि उसने काम के भारी दबाव को लेकर शिकायत की थी। सहकर्मियों ने कहा सजा के तौर पर अधिक समय तक काम कराना इस संस्थान की एसओपी बन गई है।खुद पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की ओर से इसकी सख्ती से निगरानी की जाती थी।सीबीआई अधिकारी संदीप घोष की कॉल डिटेल, की जानकारियां जुटा रहे हैं। एक ऑप्शन ने बताया कि रविवार को लगातार तीसरे दिन सीबीआई अधिकारियों के समक्ष घोष पेश हुए ।उन्हें अस्पताल में घटना से पहले और बाद में किया फोन कॉल की जानकारियां देने को कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here