UP Electricity Tariff 2026: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया है। आयोग के फैसले के अनुसार राज्य में फिलहाल लागू बिजली टैरिफ ही आगे भी प्रभावी रहेगा। इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के करीब 3.70 करोड़ उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिल का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लगातार सातवें वर्ष भी नहीं बढ़ा बिजली टैरिफ
आयोग के इस फैसले के साथ उत्तर प्रदेश लगातार सात वर्षों तक बिजली दरों को स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। पिछले कई वर्षों से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बिजली शुल्क का बोझ नहीं डाला गया है।
ऐसे समय में जब कई राज्यों में बिजली दरों में संशोधन किया गया है, उत्तर प्रदेश में मौजूदा टैरिफ को बरकरार रखने को आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि स्थिर बिजली दरों की नीति से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा हुआ है, बल्कि छोटे कारोबार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है।
नोएडा के उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी 10 प्रतिशत छूट
आयोग ने नोएडा क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी राहत बरकरार रखी है। पहले की तरह उन्हें बिजली दरों पर 10 प्रतिशत रिबेट मिलता रहेगा।
इस निर्णय का लाभ नोएडा के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिससे उनके बिजली खर्च में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी।
ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए विशेष रियायत
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोग ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है।
अब प्रदेश में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच होने वाली बिजली खपत पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग लागत कम होगी, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेज होगा।
उपभोक्ता परिषद ने फैसले का किया स्वागत
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए इसे उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। परिषद का कहना है कि बिजली दरों को लगातार सात वर्षों तक स्थिर रखना महंगाई के दौर में आम जनता, व्यापारियों और उद्योगों के लिए बड़ी राहत है।
परिषद ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

