न्यूज डेस्क
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/ यूजीसी) ने बुधवार को देशभर में अवैध तरीके से संचालित 20 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की और कहा कि इनकी डिग्रियां मान्य नहीं होंगी। यूजीसी की तरफ से कहा गया है इन यूनिवर्सिटीज को डिग्री देने का कोई अधिकार नहीं है। राजधानी दिल्ली में कुल 8 फर्जी विश्वविद्यालय हैं। इस बात की जानकारी यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार ने दी है। इन 20 फर्जी विश्वविद्यालयों में से चार उत्तर प्रदेश की हैं। यूजीसी के मुताबिक देशभर में 20 यूनिवर्सिटी फर्जी तरीके से संचालित हो रही हैं।
दिल्ली की इन यूनिवर्सिटीज को घोषित किया गया फर्जी
दिल्ली में आठ फर्जी यूनिवर्सिटीज हैं। जिनमें अखिल भारतीय सार्वजनिक और शारीरिक स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान, कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दरियागंज, संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय, व्यावसायिक विश्वविद्यालय, एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, भारतीय विज्ञान एवं इंजीनियरिंग संस्थान, स्व-रोजगार के लिए विश्वकर्मा मुक्त विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा यूजीसी की तरफ से आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (आध्यात्मिक विश्वविद्यालय) को फर्जी घोषित किया गया है।
उत्तर प्रदेश की इन 4 यूनिवर्सिटीज को किया गया फर्जी घोषित
आयोग की तरफ से उत्तर प्रदेश की चार विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया गया है। जिनके नाम क्रमश: गांधी हिंदी विद्यापीठ, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय (मुक्त विश्वविद्यालय) और भारतीय शिक्षा परिषद। इसके अलावा यूजीसी की तरफ से कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल की भी कुछ यूनिवर्सिटीज को फर्जी घोषित किया गया है।
आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के दो-दो विश्वविद्यालय
इस सूची में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दो-दो ऐसे विश्वविद्यालय हैं, जो फर्जी घोषित किए गए हैं, आंध्र प्रदेश में क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी और बाइबिल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, और पश्चिम बंगाल में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन और इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च।
इन राज्यों में भी हैं फर्जी यूनिविर्सिटी
इस लिस्ट में अन्य राज्य जैसे- बदगानवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी (कर्नाटक), सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी (केरल), राजा अरबी यूनिवर्सिटी (महाराष्ट्र) और श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (पुडुचेरी) भी हैं।
डिग्री नहीं होगी मान्य
यूजीसी ने कहा कि ऐसे यूनिवर्सिटीज द्वारा प्रदान की गई डिग्रियों को न तो मान्यता मिलेगी और न ही हायर एजुकेशन या किसी नौकरी के लिए मान्य होंगी। यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा, इन यूनिवर्सिटी को कोई डिग्री प्रदान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इन संस्थानों की एक सूची जारी करते हुए कहा, ये विश्वविद्यालय “फर्जी” हैं।