दिशा सालियान मामले में दो सूरज खोलेंगे कई राज

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सूरज की चर्चा होने से हमारा ध्यान मुख्य रूप से चारों तरफ रोशनी फ़ैलाने वाले एक बड़े प्रकाश पुंज की तरफ जाता है, लेकिन इस खबर में जिन दो सूरज की चर्चा होने की जा रही है वे दो सूरज असली सूरज की तरह लालिमा नहीं बल्कि कालिमा फैलाते हैं। खासकर दिशा सालियान मामले में सामूहिक बलात्कार, हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों में आदित्य ठाकरे,डिनो मोरिया, कुछ पुलिस पदाधिकारी के साथ इन दोनों सुरजों के सह आरोपी होने से ही यह पता चलता है कि ये लोग ऐसे कितने अन्य काले कारनामे में संलिप्त होंगे । हालांकि यह काम सीबीआई और अन्य जांच एजेंसी का है और वही इसे करेगी। सीबीआई के द्वारा इस मामले में जांच करने की बात मैं इसलिए भी कर रहा हूं क्योंकि एक तो सीबीआई में इस केस के ट्रांसफर होने के बाद जो एफआईआर दर्ज हुआ है उसमें सूरज का नाम है और दूसरा यह कि इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग दिशा सालियान के पिता सतीश शालायान के वकील निलेश ओझा ने जांच एजेंसी को सौंपा है।

हाले ही में सितंबर 2026 में, अभिनेता सूरज पंचोली  का नाम सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई एक नई एफआईआर (FIR) में सामने आया है। ये अभिनेता आदित्य पंचोली और अभिनेत्री जरीना बहाव के पुत्र हैं।दिशा सालियान मामले में सामूहिक बलात्कार, हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों में इनकी निम्नलिखित स्थिति है:

सितंबर 2026 में, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई (CBI) ने सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत के मामले में एक नई और नए सिरे से जांच (Fresh Investigation) शुरू की है।

दिशा सालियान के पिता द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर सीबीआई की एफआईआर में सूरज पंचोली सहित कुछ अन्य हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम सामने आए हैं।

सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे अपने जीवन में कभी भी दिशा सालियान या आदित्य ठाकरे से नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वे जांच में सीबीआई का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।

इससे पहले जिया खान सुसाइड केस में सीबीआई की विशेष अदालत अप्रैल 2023 में ही सूरज पंचोली को बरी कर चुकी है।

सूरज चौहान को आदित्य ठाकरे का खासम खास माना जाता है। इस बात की चर्चा परमवीर सिंह ने भी एंटीलिया केस में की है। परमवीर सिंह ने कमरे पर दिए एक बयान में या बताया है कि सचिन बाजी की पुनर्नियुक्ति के लिए आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे का संदेश लेकर उनके पास जो शख्स आया था वह कोई और नहीं बल्कि सूरत चौहान ही था।

शिवसेना (UBT) के युवा नेता और आदित्य ठाकरे के करीबी सूरज चौहान मुख्य रूप से मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कोविड-19 खिचड़ी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के दायरे में रहे हैं।
इस मामले में मुख्य कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई थी, जिसने जनवरी 2024 में सूरज चौहान को गिरफ्तार भी किया था। इस घोटाले में राजनीतिक दबाव के जरिए बिना अनुभव वाली कंपनियों को खिचड़ी बांटने के ठेके दिलाने और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता करने के आरोप हैं। वर्तमान में यह मामला वित्तीय अपराध जांच एजेंसियों (ED/EOW) के पास है।

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