पटना: बिहार सरकार राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में सारण जिले के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध सोनपुर मेला क्षेत्र तथा आमी स्थित अंबिका भवानी मंदिर के व्यापक विकास की योजना बनाई गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना है।
24 करोड़ से बदलेगी सोनपुर मेले की तस्वीर
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में शामिल सोनपुर मेले को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 24.29 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है, जिसे प्रशासनिक स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है।
गंगा और गंडक नदी के संगम पर लगने वाला सोनपुर मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से देशभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। प्रस्तावित योजना के तहत मेले में कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सोनपुर मेला विकास योजना की प्रमुख बातें
- भव्य ग्रैंड एंट्री गेट का निर्माण
- मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण
- डिजिटल सूचना एवं पर्यटक सुविधाएं
- हरित ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं
- आधुनिक पार्किंग सुविधा
- बेहतर प्रकाश व्यवस्था
- नए शौचालय और सार्वजनिक सुविधाएं
- पर्यटकों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं का विस्तार
सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से सोनपुर मेला केवल मेले के दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर पर्यटकों को आकर्षित करने वाला केंद्र बन सकेगा।
अंबिका भवानी मंदिर को भी मिलेगा नया स्वरूप
सारण जिले के आमी स्थित प्रसिद्ध अंबिका भवानी मंदिर के विकास की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। इस परियोजना के लिए करीब 13 करोड़ रुपये से अधिक की योजना केंद्र सरकार को भेजी गई है।
शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रस्तावित योजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंदिर परिसर में होंगी ये सुविधाएं
- मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण
- नदी तट का विकास
- आधुनिक पार्किंग सुविधा
- गेस्ट हाउस निर्माण
- आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था
- वॉकवे और अन्य बुनियादी सुविधाएं
इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
राज्य में 33 बड़ी पर्यटन परियोजनाओं पर काम जारी
पर्यटन विभाग के अनुसार राज्य में इस समय 33 प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें धार्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
गया में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बौद्ध मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं सहरसा की मत्स्यगंधा झील और करमचट इको सेंटर जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
PPP मॉडल पर बन रहे पांच फाइव स्टार होटल
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर पांच फाइव स्टार होटल विकसित कर रही है।
इनमें राजगीर में दो होटल,वैशाली में एक होटल,पटना में दो होटल शामिल हैं। पटना के आयकर गोलंबर और गांधी मैदान के निकट बांकीपुर बस स्टैंड क्षेत्र में इन होटलों का निर्माण प्रस्तावित है।
पर्यटन से रोजगार बढ़ाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य पर्यटन स्थलों को विकसित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

