नई दिल्ली: सनातन परंपरा के अनुसार दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर्व होता है। हर साल यह त्योहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है,हालांकि इस बार ऐसा नहीं हुआ। दीपावली के दूसरे दिन यानी आज मंगलवार को सूर्य ग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा नहीं हुई। गोवर्धन पूजा, अन्नकूट व भाईदूज का पर्व 26 अक्टूबर को मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा को अन्न कूट का त्यौहार भी कहते हैं।
क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा
मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों और जानवरों की रक्षा के लिए, अपनी छोटी उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब श्री कृष्ण ने ब्रज के लोगों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की अनुमति दी थी, तो देवराज इंद्र इससे क्रोधित हो गए और क्रोध में आकर उन्होंने 7 दिनों तक खूब वर्षा की जिससे ब्रज के लोगों के जीवन संकट में आ गए। तब श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपने हाथ की सबसे छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था, जिससे लोग इसके नीचे शरण लें सकें।
गोवर्धन पूजा का मुहूर्त
- पूजा का शुभ मुहूर्त
- सुबह 6:29 से सुबह 8:43 तक
- प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 25, 2022 को शाम 04:18 से 26 अक्टूबर को दोपहर 02:42 तक

