बीरेंद्र कुमार झा
भारतीय जनता पार्टी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में पूरी तरह से जुट गई है।भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में 18 जुलाई को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA ) की बैठक बुलाई गई है।इस बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी के अजित पवार के साथ-साथ महाराष्ट्र में शिवसेना और सरकार की कमान संभाल रहे एकनाथ शिंदे के शामिल होने की संभावना है।इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के चिराग पासवान के भी शामिल होने की पूरी संभावना है।
बीजेपी नेतृत्व ने सैद्धांतिक रूप से जनता दल (एस)ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और बिहार में मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी को भी एनडीए में शामिल होने की सहमति दे दी है।हालांकि अभी तक किसी भी दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
महाराष्ट्र में मजबूत दिख रही है एनडीए
अजीत कुमार के नेतृत्व वाली एनसीपी की तरफ से राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल इस बैठक में शामिल हो सकते हैं। शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले के साथ उन्हें भी एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था,लेकिन एनसीपी में हुई टूट के बाद अब ये अजीत पवार खेमे में आ गए हैं। पहले शिवसेना और अब एनसीपी में हुई टूट के बाद इसके बड़े घड़े के बीजेपी से मिलने के कारण महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए की स्थिति मजबूत दिखने लगी है।
पशुपति पारस की बढ़ेगी मुश्किल
भारतीय जनता पार्टी ने चिराग पासवान को वापस लेने का भी फैसला लिया है। इस बात की संभावना है कि उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में अपनी जगह गवानी पड़ सकती है। गौरतलब है कि चिराग पासवान अपने दिवंगत पिता और दलित नेता रामविलास पासवान के एकमात्र उत्तराधिकारी हैं। एलजेपी बिहार में पासवानों और दुसाधों की पार्टी मानी जाती है बिहार में इनकी आबादी करीब 4.5 % है।
बिहार में महागठबंधन को टक्कर देने की तैयारी
चिराग पासवान से पहले बिहार में एक और दलित नेता जीतन राम मांझी की हाल ही में एनडीए में एंट्री हो गई है ।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के विलय की जीत के विरोध में यह पार्टी एनडीए में शामिल हो गई। बीजेपी बिहार में सवर्णों, गैर यादव और गैर कुर्मी ओबीसी और दलितों का एक इंद्रधनुषी गठबंधन तैयार करने की कोशिश कर रही है।
पीएम मोदी की पहल पर बढ़ रहा है एनडीए का कुनबा
इसके अलावा बीजेपी अपने दो पूर्व सहयोगियों तेलुगू देशम पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के साथ भी गठबंधन में पुनर्वापशी को लेकर चर्चा कर रही है। बीजेपी को यह भी लगता है कि जब विपक्षी दल का मोर्चा बनाने का प्रयास विफल होता दिख रहा है ,तब एनडीए में विस्तार की धारणा से पार्टी की छवि में सुधार होगी ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही मई के आखिरी हफ्ते में एनडीए को मजबूत और भी साबित करने की जरूरत पर जोर दिया था।

