सोलर एनर्जी इस समय पावर का सबसे क्लीन और किफायती सोर्स बनी हुई है। घरों की बात करें या इंडस्ट्री की, हर जगह सोलर पैनल लग रहे हैं। इंस्टॉलेशन के बाद बस सूरज निकलने की देरी है। सनलाइट आते ही ये अपना काम शुरू कर देते हैं।सोलर पैनल की खास बात यह भी है कि ये 20-25 साल आराम से चल जाते हैं।अगर इनकी मैंटेनेंस ठीक तरीके से की जाए तो लाइफ और बढ़ जाती है.।आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन कारणों से पैनल खराब हो सकते हैं और उन्हें लंबे चलाने के लिए क्या उपाय करने की जरूरत है।
आमतौर पर सोलर पैनल की लाइफ 25-30 साल तक मानी जाती है।यह पैनल की क्वालिटी, यूसेज और मैंटेनेंस पर भी डिपेंड करती है।अच्छी क्वालिटी वाले कई पैनल वारंटी पूरी होने के बाद भी उसी तरह काम करते रहते हैं।अगर सही तरीके से पैनल को मैंटेन किया जाए तो 30 साल से ज्यादा समय तक बिजली जनरेट कर सकते हैं।
पैनल खराब होने के कई कारण हैं।इनमें सबसे कॉमन कारण पैनल पर धूल-मिट्टी का जमना है। इस कारण सोलर पैनल की एफिशिएंसी कम हो जाती है।शहरों की बात करें तो पॉल्यूशन और नमी मिलकर पैनल सरफेस पर एक पतली लेयर बना लेते हैं।इससे पैनल को पावर जनरेट करने के लिए एक्स्ट्रा काम करना पड़ता है।अगर लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहे तो पैनल की एफिशिएंसी और लाइफ स्पैन पर असर पड़ता है। मौसम भी एक बड़ा फैक्टर है ज्यादा टेंपरेचर से पैनल की एफिशिएंसी कम हो जाती है और ज्यादा उमस और बारिश से मेटल पार्ट्स पर जंग लगने लगता हैमन
तेज आंधी-बारिश से बी पैनल पर छोटी-छोटी दरारें आ सकती हैं. इसी तरह इंस्टॉलेशन और वायरिंग में गड़बड़ी भी काम बिगाड़ सकती है।
सोलर पैनल को साल में 2-4 बार जरूर सफ करें. खासकर आंधी-तूफान वाले मौसम के बाद सफाई और इंस्पेक्शन दोनों जरूरी है।
अगर पैनल पर किसी पेड़ की छांव पड़ रही है तो उसे ट्रिम कर दें।
पैनल को छत से चिपकाकर इंस्टॉल न करें।वेंटिलेशन बनाए रखने के लिए छत और पैनल के बीच 1-2 फीट की दूरी जरूर रखें।
साल में कम से कम दो बार प्रोफेशनल टेक्नीशियन को बुलाकर⁵ सोलर एनर्जी सिस्टम की जांच करवा लें।

