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गुजरात की गाँधी नगर सीट इस बार सबसे हॉट हो गई है। हालांकि यह सीट पहले से काफी वीआईपी सीट रही है क्योंकि यहाँ से कई दिग्गज चुनाव लड़ते रहे हैं। आडवाणी इस सीट से करीब छह बार सांसद रहे। अब अमित शाह यहाँ से मैदान में हैं। उनके मुकाबले में कांग्रेस की उम्मीदवार सोनल पटेल हैं। वे पेशे से एक आर्किटेक्ट भी हैं और महाराष्ट्र कॉंग्रेस् की सह प्रभारी भी हैं। इसलिए इस बार पटेल की प्रतिष्ठा भी दाव पर लगी है।
गांधीनगर से सांसद रहे शंकर सिंह वाघेला कहते हैं, जब अटल बिहारी वाजपेयी को सिंधिया के चलते ग्वालियर सीट छोड़नी पड़ी, तो उन्होंने ही अटल से गांधीनगर आकर लड़ने की सिफारिश की थी। फिर अटल के बाद लालकृष्ण आडवाणी यहां से छह बार सांसद बने। इस सीट से सबसे ज्यादा बार सांसद बनने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है। और तो और, गांधीनगर देश की इकलौती सीट है, जहां से एक पीएम, एक सीएम, दो गृह मंत्री, एक चुनाव आयुक्त, एक अभिनेता और एक मशहूर शास्त्रीय नृत्यांगना ने चुनाव लड़ा है।
कांग्रेस आखिरी बार 1984 में यहां से जीती थी। भाजपा की सबसे सुरक्षित सीट गांधीनगर से देश के सबसे ताकतवर नेता अमित शाह मैदान में हैं।राजनीति के जानकारों का आकलन है कि महिला होने के नाते सोनल बाकी कांग्रेस उम्मीदवारों से कुछ अधिक वोट जुटा पाएंगी। इस सीट पर 35 साल बाद कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार चुना है। 1989 में कोकिला व्यास कांग्रेस प्रत्याशी थीं। उसी साल भाजपा के टिकट पर पहली बार शंकर सिंह वाघेला चुनाव जीते थे। बाद में वह गुजरात के मुख्यमंत्री भी बने।
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं। सातों पर भाजपा का कब्जा है। वैसे इस सीट को राजनीतिक प्रयोगों की राजधानी भी कहा जाता है। कांग्रेस ने 1996 में राजेश खन्ना और 1999 में पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को मैदान में उतारा था। 1996 में जब उप चुनाव हुए, तो राजेश खन्ना यहां से कांग्रेस की सीट पर लड़े और भाजपा के विजय हरिश्चंद्र पटेल को ठीक-ठीक टक्कर दी थी, पर जीत नहीं पाए थे।
गांधीनगर गुजरात की 79 प्रतिशत शहरी आबादी वाली वह लोकसभा सीट है, जो सालों से भाजपा के हिस्से आई है। आबादी में हिंदू बहुमत में हैं। इस बार भाजपा के लिए यह सीट सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज कराने वाली टारगेट लिस्ट में सबसे ऊपर है।

