सीबीआई जांच रिपोर्ट से नीट यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले में पिट सकती है कांग्रेस की भद

0
35

21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के ठीक सामने नीट यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने कई विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर बड़ा जोरदार आंदोलन चलाया था। इसमें उनकी मुख्य मांग थी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।बाद में जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तो कांग्रेस इसे अपनी बड़ी सफलता मानने लगी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद अब तो राहुल गांधी पहले गृह मंत्री अमित शाह और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के इस्तीफा की बात करने लगे हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी की खुशी एक तरफ है तो दूसरी तरफ नीट यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर अपनी जांच रिपोर्ट में कई ऐसे खुलासा करने लगी है, जिससे जल्दी ही कांग्रेस की भद पीटती हुई नजर आ रही है।

सीबीआई की इस पहली चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिसके प्रमुख बिंदु और राजनीतिक कनेक्शन निम्नलिखित हैं:

कांग्रेस कनेक्शन : सीबीआई ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेंगर ने परीक्षा से पहले हस्तलिखित (handwritten) केमिस्ट्री के प्रश्न प्राप्त करने के लिए ₹5 लाख का भुगतान किया था।उनके फोन से 136 प्रश्न बरामद हुए थे, जिनमें से 111 प्रश्न एनटीए (NTA) के मास्टर प्रश्न पत्र से बिल्कुल मैच खा रहे थे। इस आरोपी का संबंध स्थानीय स्तर पर कांग्रेस नेता व विधायक अमित देशमुख के चुनावी प्रचार से होने के कारण इसे विपक्ष या कांग्रेस कनेक्शन के रूप में देखा जा रहा है।
एनटीए (NTA) के 3 विषय विशेषज्ञ शामिल: चार्जशीट के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा अनुबंधित किए गए तीन विषय विशेषज्ञों—मनीषा मंदारे (बायोलॉजी), प्रहलाद विट्ठल राव कुलकर्णी (केमिस्ट्री), और मनीषा संजय हवलदार (फिजिक्स)—ने अपनी आधिकारिक भूमिका का दुरुपयोग कर पेपर लीक की साजिश रची थी।
कोचिंग और बिचौलियों का नेक्सस: सीबीआई की रिपोर्ट कहती है कि इन पेपर सेटर्स ने लीक किए गए प्रश्न सीधे कोचिंग नेटवर्क और बिचौलियों (जैसे पुणे के एपीएमए कोचिंग के तेजस हर्षदकुमार शाह) को लीक किए, जिन्होंने आगे इन्हें छात्रों के बीच बांटा।
वित्तीय लेन-देन: आरोपियों के कई बैंक खाते, लॉकर और डीमैट खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

सीबीआई ने कोर्ट को सूचित किया है कि उन्होंने यूजी नीट प्रश्न पत्र लीक के स्रोत से लेकर लाभार्थी छात्रों तक की पूरी श्रृंखला का पता लगा लिया है, हालांकि फॉरेंसिक विश्लेषण और आगे की जांच अभी भी जारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here