Homeदेशआम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में आप कम,बाहरी ज्यादा

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में आप कम,बाहरी ज्यादा

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अक्सर आम आदमी पार्टी को कट्टर ईमानदार पार्टी और अन्य विपक्षी राजनीतिक दलों को बेईमान पार्टी बताते रहे हैं। यहां तक की शराब घोटाले जैसे बेईमानी वाले कार्य करने के आरोप में जेल जाने और वहां से वापस जमानत पर जेल से बाहर आने पर भी वे अपने भाषणों में आम आदमी पार्टी को कट्टर ईमानदार पार्टी ही बताते रहे हैं।ऐसा करते हुए वे अक्सर बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों को अपने निशाने पर लेते हुए उसे भ्रष्टाचार और देश को बांटने वाले कार्यों में आकंठ डूबा हुआ बताते हैं।लेकिन अब जब अरविंद केजरीवाल ने अपने नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी का दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर को लेकर 11 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की तो इसमें पुराने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के नाम की जगह पर बीजेपी और कांग्रेस जैसी दूसरी पार्टियों से आने वाले नेताओं के नाम ही ज्यादा दिखे तो अरविन्द केजरीवाल की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखने लगा है।

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी का दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर जारी किए गए उम्मीदवारों की पहली सूची में तीन नाम भारतीय जनता पार्टी से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए नेताओं के हैं ,तीन नाम कांग्रेस पार्टी से आम आदमी पार्टी में आए हुए नेताओं के हैं और सिर्फ तीन ही नाम ऐसे हैं जो आम आदमी पार्टी के वैसे नेताओं के है जिन्हें रिपीट किया गया है।अनिल झा, बीबी त्यागी और ब्रह्म सिंह तंवर जैसे नेता अभी कुछ ही दिन पहले बीजेपी से आम आदमी पार्टी में आए थे, जिन्हें आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है,तो वहीं दूसरी तरफ जुबेर चौधरी, वीर सिंह धीमान और सुमेश शौकीन जैसे नेता हाल ही में कांग्रेस से आम आदमी पार्टी में आकर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार बनने में सफल हुए हैं। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की दिल्ली आम सभा चुनाव को लेकर जारी की गई इस सूची के नामों को लेकर अगर चुनावी विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट है कि अगर अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार हैं ,तो आम आदमी पार्टी के कम से कम वे विधायक जिनका टिकट आम आदमी पार्टी ने आगामी दिल्ली विधान सभा चुनाव में काटा है, वे ईमानदार नहीं है।इसी आधार पर इसका विलोम यानि टिकट कटने वाले नेता के ईमानदार और अरविंद केजरीवाल के धूर्त बेईमान होने की बात भी तार्किक तौर पर कही जा सकती है। इसके अलावा एक बड़ा निष्कर्ष इस विश्लेषण से यह भी निकाला जा सकता है कि अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट और गलत कार्य करने वाले नेताओं से भी कोई परहेज नहीं है बशर्ते कि वे अपनी मूल पार्टी को छोड़कर आम आदमी पार्टी में आ जाएं और चुनाव में जीत हासिल कर अरविंद केजरीवाल के हाथ को मजबूत करें। हाल में आम आदमी पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने वाले अरविंद केजरीवाल के सहयोगी और दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने भी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्ववाली आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कई आरोप लगाए है।

बीजेपी और अन्य विरोधी पार्टियों के द्वारा आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों को यदि नहीं भी माना जाए तो भी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर जारी किए गए उम्मीदवारों की पहली सूची में जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी के कई पुराने नेताओं के टिकट काटकर उसकी जगह पर बीजेपी और कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट दिया गया है,उससे अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की ईमानदारी पर ही सिर्फ प्रश्न चिन्ह नहीं खड़ा हुआ है, बल्कि आम लोगों की नजर में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार का आरोपी वाला एक चेहरा भी सामने आने लगा है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची के प्रकाशित होने के बाद से खासकर आम आदमी पार्टी के समर्थक इस बात को लेकर सोचने लगे हैं कि क्या अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी मुफ्त जल और मुफ्त बिजली जैसी मुफ्तखोरी वाले वादों की आड़ में अपने भ्रष्टाचार को छिपाना चाहते हैं ? और यदि हां !तो क्या इस बार आम आदमी पार्टी को वोट देकर जीत दिलाकर अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्रदान करना उचित होगा ? इस समय उनकी एक और चिंता इस बात को लेकर भी है कि अगर दिल्ली विधान सभा के चुनाव में वे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान नहीं नहीं करते हैं तो क्या फिर उन्हें उस बीजेपी या कांग्रेस के पक्ष में ही मतदान करना होगा, जिन्हें वे पूर्व में भ्रष्टाचार और कदाचार की वजह से ही साइड लाइन कर चुके हैं या फिर कांग्रेस,आप और बीजेपी इन तीनों राजनीतिक दलों के अलावे और किसी अन्य दल का विकल्प उनके समक्ष है?

अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के समर्थक मतदाताओं की इस चिंता को लेकर बात की जाए तो उनके समक्ष अभी हाल में गठित उदय भारतम् पार्टी का एक मजबूत विकल्प मौजूद है।कहने को तो यह एक नवगठित राजनीतिक दल है,लेकिन इस राजनीतिक दल की एक बड़ी खासियत इसके विचार हैं जो इसने समानता भारतम्,प्रकृति भारतम्, न्याय भारतम् , समष्टि भारतम् और ज्ञान भारतम् जैसे 10 सूत्र वाक्यों के रूप में रखा है। भारत की प्राचीन गौरव पर आधारित उदय भारतम् पार्टी का सूत्र वाक्य इसके नेताओं को इस प्रकार परिमार्जित कर चुका है कि भ्रष्टाचार और कदाचार जैसी बात इनके मन में सपनों में भी नहीं आ सकती है।साथ ही इनका उच्च अकादमिक और नैतिक स्तर भी इन्हें भटकाव की स्थिति आने पर भी भटकने से रोकने वाला है।

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