जब भी हम घर में दीमक (Termite) देखते हैं, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है कि अब हमारा कीमती सोफा, अलमारी या बेड खराब हो जाएगा हम तुरंत पेस्ट कंट्रोल का इस्तेमाल इन चीजों को बचाने के लिए करते हैं।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटी सी दीमक आपकी और आपके परिवार की सेहत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा रही है? जी हां, दीमक सिर्फ लकड़ी की दुश्मन नहीं है, यह आपकी सेहत के लिए भी खतरा है.
दीमक जब लकड़ी को कुतरती है, तो बारीक बुरादा और धूल हवा में फैल जाती है।इसके साथ ही दीमक की पॉटी और उसके लार के बारीक कण भी हवा में मिल जाते हैं।जब हम इस हवा में सांस लेते हैं, तो ये बारीक कण सीधे हमारे फेफड़ों में चले जाते हैं।इससे लगातार खांसी, छींक आना और सांस फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
दीमक हमेशा ऐसी जगह पर पनपती है जहां सीलन या नमी होती है. दीमक के रहने से वहां नमी और बढ़ जाती है, जिससे दीवारों और लकड़ी पर मोल्ड यानी काली फफूंद जमने लगती है।यह फफूंद हवा में अपने अदृश्य बीज छोड़ती है जब ये हमारे शरीर के अंदर जाते हैं, तो भयंकर फंगल इन्फेक्शन और फेफड़ों की गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
क्या आपके घर में अचानक किसी को स्किन पर लाल चकत्ते, तेज खुजली या दाने होने लगे हैं? इसका कारण दीमक हो सकती है।दीमक के संपर्क में आने वाली धूल या उनके छोड़े गए बारीक अवशेष जब हमारी स्किन से छूते हैं, तो कांटेक्ट डर्मेटाइटिस यानी स्किन की एलर्जी हो सकती है।इससे स्किन लाल हो जाती है और लगातार खुजली हो सकती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन PubMed में छपी इस रिसर्च के अनुसार, दीमक के अंदर ऐसे प्रोटीन्स पाए जाते हैं जो सीधे इंसानों में गंभीर एलर्जी और स्किन रैशेज पैदा कर सकते हैं।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन PMC NIH में छपी इस स्टडी में यह सामने आया है कि दीमक के मल से उड़ने वाले बारीक धूल कण जब सांस के जरिए अंदर जाते हैं, तो फेफड़ों के रास्ते में सूजन पैदा करके अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं।
दीमक से सुरक्षा के लिए घर में कहीं भी पानी का रिसाव न होने दें, क्योंकि नमी ही दीमक का घर है।समय-समय पर घर की खिड़कियों को खोलें ताकि धूप और ताजी हवा अंदर आ सके।अगर घर में दीमक दिख रही है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें, तुरंत प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लें।

