बीरेंद्र कुमार झा
पैगंबर मोहम्मद पर एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने जम्मू कश्मीर के विश्वविद्यालय और कॉलेजों में तनाव उत्पन्न कर दिया है।श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में इसके खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी हुए थे और अब दूसरे संस्थानों में भी इसका असर दिखने लगा है। कश्मीर से बाहर के एक छात्र की ओर से पैगंबर मोहम्मद पर की गई सोशल मीडिया पोस्ट ने यहां का सारा माहौल बिगाड़ कर रख दिया है।शिक्षण संस्थानों में ऐसी घटनाओं के होने से सुरक्षा बलों के लिए भी इससे निपटना एक बड़ी चुनौती होगी। खासतौर पर शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा बलों की पर्याप्त मौजूदगी भी सकारात्मक नहीं होगी और ऐसा होने की स्थिति में राजनीतिक दल और अन्य मजहबी संगठनों द्वारा माहौल को ज्यादा बिगाड़ने और तनाव फैलाने की भी आशंका है।
एनआईटी में अकादमिक गतिविधियां बंद
फिलहाल एनआईटी में माहौल को बिगड़ने से बचने के लिए सभी अकादमी गतिविधियां रोक दी गई है और परिसर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।एक अधिकारी ने बताया कि परिसर में किसी बाहरी शख्स, छात्र और यहां तक की कर्मचारी तक की एंट्री पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि पैगंबर पर टिप्पणी करने वाले छात्र को 1 साल के लिए कैंपस से बाहर कर दिया गया है,लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उसके खिलाफ और भी सख्त एक्शन लेने की जरूरत है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र आंदोलनरत हैं।
दूसरे कॉलेजों और विश्वविद्यालय में भी दिखने लगा इसका असर
पैगंबर के अपमान से जोड़कर अब इस मुद्दे को एनआईटी के अलावा दूसरे कॉलेजों और विश्वविद्यालय में भी फैलाया जा रहा है। बुधवार को कई जगहों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सांप्रदायिक तनाव और वैमनस्यता बढ़ाने के आरोप में सेक्शन153 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा किसी धर्म के अपमान के आरोप में सेक्शन 295 के तहत भी केस दर्ज हुआ है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के रजिस्ट्रार ने पुलिस को इस मामले में केस दर्ज करने के लिए लिखा था।

