तेलंगाना चुनाव:बीआरएस उम्मीदवार पी कौशिक रेड्डी ने परिवार के साथ आत्महत्या की बात क्यों की?

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न्यूज़ डेस्क 
राजनीति में हलाकि भावना की कोई बात नहीं होती लेकिन जब भावना में इंसान सराबोर हो जाता है तब राजनीतिबाजों की कहानी कुछ अलग ही होने लगती है। तेलंगाना का चुनाव प्रचार आज बंद हो गया। 30 तारीख को वहां चुनाव होने हैं। लेकिन चुनाव प्रचार के ख़त्म होते ही सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति के हुजुरबाद उम्मीदवार ने जो बाते कही है वह डराने वाली है।  चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति के उम्मीदवार ने यह कहकर हलचल मचा दी कि यदि वह चुनाव हार गए तो परिवार समेत आत्महत्या कर लेंगे। यहा ऐलान हुजूराबाद निर्वाचन क्षेत्र से बीआरएस के उम्मीदवार पी कौशिक रेड्डी ने की।
                  बता दें कि पी कौशिक रेड्डी ने एक चुनावी रैली में मतदाताओं से कहा कि अगर वह जीतते हैं तो विजय जुलूस होगा, लेकिन अगर वह हार जाते हैं, तो 4 दिसंबर को अंतिम संस्कार जुलूस होगा। अपनी पत्नी और बेटी के साथ मौजूद कौशिक रेड्डी ने लोगों से कहा कि अगर वे उन्हें फांसी लगाकर अपनी जान लेते देखना चाहते हैं तो यह उनकी इच्छा है। उन्होंने कहा, “यह आप पर निर्भर है कि आप क्या चाहते हैं। अगर आप मुझे वोट नहीं देंगे तो आप हमारी लाशें देखेंगे।”
           कौशिक रेड्डी तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य भी हैं। उन्होंने लोगों से 30 नवंबर के चुनाव में उन्हें विधानसभा के लिए चुनकर एक मौका देने की अपील की। कौशिक रेड्डी बीजेपी के मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री एटाला राजेंद्र और कांग्रेस उम्मीदवार वोडिथला प्रणव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। 119 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 30 नवंबर को होने हैं। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।
                  कौशिक रेड्डी 2018 का चुनाव उसी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में राजेंद्र से हार गए थे, जो उस समय टीआरएस (अब बीआरएस) के टिकट पर चुने गए थे। 2021 में जब राजेंद्र बीजेपी में शामिल हो गए और उपचुनाव के लिए विधायक पद छोड़ दिया, तो कौशिक रेड्डी ने पार्टी टिकट हासिल करने की उम्मीद में बीआरएस में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी।
              हालांकि, बीआरएस ने उपचुनाव में जी श्रीनिवास यादव को मैदान में उतार दिया था। राजेंद्र ने 23,000 से अधिक वोटों के साथ सीट बरकरार रखी। बाद में बीआरएस ने कौशिक रेड्डी को विधान परिषद के लिए नामित किया था। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इश बार उन्हें राजेंद्र का मुकाबला करने के लिए मैदान में उतारा है। यहां से बीजेपी विधायक एटाला राजेंद्र गजवेल निर्वाचन क्षेत्र में बीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ भी चुनाव लड़ रहे हैं।

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