बीरेंद्र कुमार झा
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर हलचल तेज है। चर्चाओं का बाजार गर्म है।कई घटनाक्रम नीतीश कुमार की बीजेपी एवं एनडीए से नजदीकी बढ़ने के संकेत दे रहे हैं।हालांकि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन अटकलों को खारिज करते हुए इन सब बातों को फालतू बताया है। जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से नीतीश कुमार कि ऐसी हरकत के बाद उनकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल किया गया तो वे तमतमा गए और इसे बीजेपी का एक एजेंडा बता दिया।
बीजेपी और मीडिया पर लगाया मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने जा आरोप
सोमवार शाम को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से बातचीत के क्रम में जब यह पूछा कि नीतीश कुमार को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं तो इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने बीजेपी और मीडिया पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक विशेष वर्ग है और बीजेपी के लोग हैं।यही नीतीश कुमार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद ही सभी बातों को स्पष्ट कर चुके हैं,तो यह सवाल ही पैदा नहीं होता है।
बीजेपी को सत्ता से हटाना मूल उद्देश्य
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि पिछले 9 अगस्त को महागठबंधन की सरकार बनी थी। तब हम लोगों ने संकल्प लिया था कि बिहार में तो एक हुए ही हैं, देश भर में भी एकजुट होंगे।इस काम में हमें सफलता भी मिली है।अब हम लोगों की इच्छा है कि बीजेपी वाले जो अभी सत्ता में है और दंगा – फसाद करते- कराते रहते हैं, उनको सत्ता से बाहर करना है।
विपक्ष एकजुट होकर अच्छा काम कर रहा है,बाकी बातें फालतू
इससे पहले सोमवार सुबह जब नीतीश कुमार से यह पूछा गया कि क्या उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ रही है तो उन्होंने इसे फालतू बताया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में शिरकत करने के बाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब बेकार की बातें हैं। विपक्ष एकजुट हो गया है और अच्छा काम हो रहा है।

