समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के फिर बिगड़े बोल, प्राण प्रतिष्ठा पर उठाए सवाल

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समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सवाल उठाया है।एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्राण प्रतिष्ठा करने से पत्थर संजीव हो जाता है ,तो प्राण प्रतिष्ठा करने से मुर्दा चल फिर क्यों नहीं सकता है? यहां पर पाखंड है,ढोंग है, आडंबर है। वैसे भी जो खुद भगवान हैं,जो सबका कल्याण करता है, हम इंसान की क्या हैसियत है कि उसकी प्राण प्रतिष्ठा करें।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने गाजीपुर के लंका मैदान में कर्पूरी ठाकुर सेवा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बीजेपी ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा जनता को बुनियादी सवालों से भटकाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि देश और संविधान पर गहरा संकट है। केंद्र की मोदी सरकार विरोधियों की आवाज दबाने के लिए सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर रही है।

बेरोजगारी पर चर्चा ना हो इसलिए किया यह सब ड्रामा

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की है। उन्हें गरीबों और छोटे दुकानदारों की चिंता नहीं है। देश में बेरोजगारी पर चर्चा ना हो, इसलिए ड्रामा किया जा रहे हैं।भगवान राम की पूजा तो हजारों साल से हो रही है। ऐसे में उनके अंदर प्राण- प्रतिष्ठा की क्या जरूरत है? वास्तव में धार्मिक आयोजन होता तो चारों शंकराचार्य इसमें शामिल होते।राष्ट्रपति निमंत्रण के बावजूद नहीं आई। यह सिर्फ बीजेपी और आरएसएस का कार्यक्रम था।

स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध,महिलाओं का विरोध

इससे पहले नवंबर 2023 में भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि अनुच्छेद ज में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि ढोंग, ढकोसले, पाखंड और आडंबर से लोगों को बाहर निकाल कर वैज्ञानिक सोच के साथ खड़ा किया जाए। हमने दो चीज की है।इसमें एक तो वैज्ञानिक शोध विकसित करने की बात की और दूसरी महिलाओं को सम्मान दिलाने की बात की। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वह स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे महिलाओं के सम्मान का विरोध कर रहे हैं।

मां लक्ष्मी के अस्तित्व पर उठाए थे सवाल

स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछले दिवाली के दिन एक्स पर अपनी पत्नी को तिलक लगाते हुए पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने मां लक्ष्मी की अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए थे और लोगों को पत्नी की पूजा करने की सलाह दी थी। उन्होंने लिखा था कि पूरे विश्व के प्रत्येक धर्म, जाति, नस्ल ,रंग व देश में पैदा होने वाले बच्चों के दो हाथ, दो पैर, दो कान, दो आंख, दो छिद्र वाले नाक के साथ एक सर और ,एक ही पेट होता है। चार हाथ आठ हाथ,दस हाथ, बीस हाथ,हजार हाथ वाला बच्चा आज तक पैदा ही नहीं हुआ है, तो चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है ?यदि आप लक्ष्मी देवी की पूजा करना ही चाहते हैं तो अपने घरवाली की पूजा व सम्मान करें जो सही मायने में देवी है, क्योंकि आपके घर परिवार का पालन- पोषण ,सुख – समृद्धि खान-पान व देखभाल की जिम्मेदारी बहुत ही निष्ठा के साथ निभाती है। इस बयान के बाद वह काफी ट्रोल भी हुए थे।

विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर हिंदू धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। एक बयान में उन्होंने कहा था कि ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं।हिंदू धर्म केवल धोखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म बताकर इस देश के दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता,लेकिन क्या विडंबना है कि अपनी आजादी का 76 वां साल बीतने के बाद भी इस देश की प्रथम नागरिक संविधान प्रमुख राष्ट्रपति को मंदिर जाने से रोका जाता है। इसके अलावा स्वामी प्रसाद मौर्य ने  समय – समय पर रामचरित मानस से जुड़े हुए भी बहुत सारे विवादित बयान दिए हैं।

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