न्यूज़ डेस्क
सांसदों के निलंबन के विरोध में आज दिल्ली में हल्ला बोल हुआ। विपक्षी नेताओं ने मार्च निकला और सरकार पर जमकर हमला किया। लोकतंत्र और संविधान बचाने की बाते हुई और संसदीय व्यवस्था को कायम रखने पर चर्चा भी की गई। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल हुए। यह मार्च संसद भवन से विजय चौक तक निकला गया और फिर भाषण भी दिए गए।
आज विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों से 140 से ज्यादा सांसदों के निलंबन पर विरोध जताते हुए संसद भवन से एक मार्च निकाला जो विजय चौक पर खत्म हुआ। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक पैदल मार्च किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों के हाथों में एक बैनर था जिसपर लिखा था ‘लोकतंत्र बचाओ’।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद से जुड़े विषयों पर सदन के बाहर बोल रहे हैं जो विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है। उन्होंने कहा, ‘‘निलंबन के खिलाफ हमारा प्रदर्शन है। सरकार और मोदी जी यह नहीं चाहते कि सदन चले।
खड़गे ने आगे कहा कि हम लोकसभा में, संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना से जुड़ा विषय उठाना चाहते थे कि यह क्यों हुआ, कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हम चाहते थे कि सरकार सदन को इस बारे में बताए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों सदन में नहीं आए। वे, सदन में जिन बातों को कहना है, उन्हें बाहर बोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि निलंबन के मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

