Karisma Kapoor के बच्चों की फीस के लिए कोर्ट पहुंचीं Priya Kapur, Sunjay Kapur की संपत्ति विवाद में बड़ा मोड़

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Sunjay Kapur Estate Dispute: दिवंगत उद्योगपति Sunjay Kapur की करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहे हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार को Priya Kapur की ओर से एक अहम याचिका दायर की गई, जिसमें उन्होंने Sunjay Kapur के Employees’ Provident Fund (EPF) खातों से रकम निकालने की अनुमति मांगी है। यह राशि Karisma Kapoor से हुए उनके बच्चों Samaira और Kiaan Kapur की स्कूल फीस और शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए उपयोग किए जाने की बात कही गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले की सुनवाई 26 मई 2026 को हुई, जहां अदालत ने Priya Kapur की अर्जी पर औपचारिक नोटिस जारी किया। याचिका में 30 अप्रैल को पारित उस अंतरिम आदेश में आंशिक संशोधन की मांग की गई है, जिसके तहत Sunjay Kapur की संपत्तियों और कारोबारी हिस्सेदारी पर रोक लगा दी गई थी।

कोर्ट से मांगी गई खास अनुमति

बताया जा रहा है कि Priya Kapur ने अदालत से आदेश के पैराग्राफ 79 की क्लॉज (b) और (d) में बदलाव की मांग की है। अप्रैल में आए आदेश के तहत Sunjay Kapur की निजी और कॉर्पोरेट संपत्तियों के ट्रांसफर, लिक्विडेशन या इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी।

हालांकि, अदालत ने बच्चों की जरूरी जरूरतों को देखते हुए कुछ सीमित राहत का रास्ता खुला छोड़ा था। अब Priya Kapur ने स्पष्ट अनुमति मांगी है ताकि EPF खातों से केवल Samaira और Kiaan की पढ़ाई और स्कूल फीस के लिए पैसा निकाला जा सके।

उनकी कानूनी टीम ने कोर्ट में कहा कि यह राशि केवल बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्चों में ही इस्तेमाल की जाएगी।

30,000 करोड़ की संपत्ति पर जारी है घमासान

Sunjay Kapur की मौत जून 2025 में हुई थी, जिसके बाद उनकी कथित 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर परिवार में बड़ा कानूनी विवाद शुरू हो गया। इस विवाद में Priya Kapur, Karisma Kapoor के बच्चे और Sunjay की मां Rani Kapur भी शामिल हैं।

मामला तब और विवादित हो गया जब 2025 की एक वसीयत को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि वसीयत में डिजिटल और टेक्स्ट संबंधी कई गड़बड़ियां हैं और यह फर्जी हो सकती है।

इसके अलावा, Rani Kapur ने फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए Priya Kapur पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का फायदा उठाकर कॉर्पोरेट मामलों पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की गई।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही मध्यस्थता

इस हाई-प्रोफाइल फैमिली डिस्प्यूट की मध्यस्थता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश D. Y. Chandrachud की निगरानी में की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में चल रही इस प्रक्रिया पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

अब देखना होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए Priya Kapur को EPF फंड इस्तेमाल करने की अनुमति देता है या नहीं।

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