Bihar News: बिहार के जल संसाधन विभाग ने अपने पदाधिकारियों को तनावमुक्त और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक खास पहल की है। पटना के अधिवेशन भवन में “स्ट्रेस मैनेजमेंट” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों को मानसिक संतुलन और बेहतर कार्यशैली के गुर सिखाए गए। यह कार्यशाला जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से सिखाया गया खुशहाल जी वन का मंत्र
इस कार्यशाला में आर्ट ऑफ लिविंग के फैकल्टी रिपु सदन ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में भाग लिया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। योग, ध्यान और सकारात्मक सोच के जरिए व्यक्ति न केवल अपने मन को शांत रख सकता है, बल्कि अपने काम में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
योग और ध्यान से मिला ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ का फॉर्मूला
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को विभिन्न योग और ध्यान प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। साथ ही वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से तनाव प्रबंधन के आसान और प्रभावी तरीके बताए गए। रिपु सदन ने कहा कि नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को सरल, स्वस्थ और खुशहाल बना सकता है।
बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, अभियंता प्रमुख और अन्य वरीय पदाधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई और मुख्य अतिथि का स्वागत हरित गुच्छ देकर किया गया।
काम में बढ़ेगी क्षमता, घटेगा तनाव
कार्यक्रम के समापन पर प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि इस प्रशिक्षण से मिली सीख को अगर अधिकारी अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं, तो वे अपने कार्यों को अधिक प्रभावी और तनावमुक्त तरीके से पूरा कर पाएंगे। इस पहल को विभाग में कार्य संस्कृति सुधारने और अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



