ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी के एक एक्सपेरिमेंट में पाया गया है कि सोलर पैनल के नीचे बने छायादार खेत यानी सोलर फार्म में भेड़ के बच्चों (मेमनों) को पालना उतना ही फायदेमंद और आसान है, जितना कि उन्हें खुले मैदान में चराना। दरअसल, कई लोगों को आज भी लगता है कि सोलर पैनल लगाने से उनकी जगह का एक बड़ा हिस्सा घिर जाता है और किसी काम का नहीं रहता है। लेकिन ऐसा नहीं है। पिछले कई प्रयोगों में पाया गया है कि खुले मैदान यानी खेतों में लगे सोलर पैनल के नीचे जमीन पर भी अच्छी फसल उगाई जा सकती है। अब नए प्रयोग से पता चल गया है कि सोलर पैनल के नीचे के क्षेत्र में भेड़ के बच्चों को पालना भी आसान है।
दरअसल, कॉर्वालिस में यूनिवर्सिटी के रिसर्च फॉर्म पर रिसर्चर्स ने दो साल तक पॉलीपे नस्ल के मेमनों के दो ग्रुप्स की तुलना की। एक ग्रुप ने ट्रेडिशनल खुले मैदान में घास चरी, जबकि दूसरे ग्रुप ने चालू सोलर ऐरे के नीचे घास चरी। इन नतीजों ने खेती वाली जमीन पर सोलर पैनल लगाने से जुड़ी पुरानी सोच को बदल दिया है। प्रयोग से साबित हुआ है कि कम घास उगने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पशुओं से मिलने वाला उत्पादन भी कम ही होगा।
यह एक्सपेरिमेंट इस तरह से डिजाइन किया गया था कि तुलना जितनी हो सके सही हो। रिसर्च करने वालों ने एक जैसे वजन और उम्र वाले भेड़ के बच्चों को दो अलग-अलग पास के खेतों में रखकर यह प्रयोग किया। एक चरागाह पूरी तरह से ओरेगन के खुले आसमान के नीचे था। दूसरा सोलर पैनलों के नीचे था। दो साल की स्टडी के दौरान, सोलर पैनलों के नीचे वाले चरागाह में खुले चरागाह की तुलना में 38% कम चारा उगा। जिन जगहों पर पैनलों के ठीक नीचे पूरी छाया रहती थी, वहां सबसे कम घास उगी। यह सुनकर आपको लग लगता है कि ये तो मेमनों के लिए सही नहीं है। लेकिन कम चारा मिलने से उनके वजन पर कोई असर नहीं दिखा।
सोलर पैनल के नीचे चरने वाले मेमनों का वजन रोजाना औसतन 120 ग्राम बढ़ा, जबकि खुले मैदान में चरने वाले मेमनों का वजन रोजाना 119 ग्राम बढ़ा।
वहीं, दूसरे साल सोलर पैनल के नीचे रहने वाले मेमनों का वजन रोजाना 89 ग्राम बढ़ा, जबकि खुले मैदान वाले ग्रुप का वजन 92 ग्राम बढ़ा।
ये अंतर इतने कम थे कि रिसर्चर्स ने पाया कि ग्रोथ रेट एक जैसे थे। इसका मतलब था कि पैनल के नीचे रहने वाले मेमनों की ग्रोथ लगभग उतनी ही थी, भले ही उन्हें काफी कम चारा मिला।
इससे साफ पता चलता है कि ज्यादा घास खाने से नहीं बल्कि न्यूट्रिशनल वैल्यू से वजन पर फर्क पड़ता है। छाया में उगने वाले पौधे, पूरी धूप में उगने वाले पौधों से अलग तरह से विकसित हो सकते हैं
स्टडी के अनुसार, सोलर पैनल के नीचे उगने वाले चारे की न्यूट्रिशनल क्वालिटी बेहतर थी, जिसमें ज्यादा प्रोटीन और पचने की क्षमताथी। सीधा-सीधा कहें तो घास कम लेकिन अच्छी थी। मेमनों को जो घास मिली, वह ज्यादा न्यूट्रिशियस थी।

