बीरेंद्र कुमार झा
मुंबई में 25- 26 अगस्त को इंडिया गठबंधन की तीसरी बैठक होने वाली है। उससे पहले 1 अगस्त को एनसीपी प्रमुख शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महाराष्ट्र में स्वागत करने के लिए तैयार हैं।विपक्षी राजनीतिक दोनों का एक प्रतिनिधिमंडल आज उनसे मिलकर उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के लिए मनाने की कोशिश करेगा।
मंगलवार को पुणे के एसपी कॉलेज मैदान में पीएम मोदी का एक समारोह है।इसमें उन्हें लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है। इस कार्यक्रम में शरद पवार का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने और उन्हें पुरस्कार प्रदान करने का कार्यक्रम है। इस पूरे प्रकरण पर एनसीपी की सहयोगी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कहा है कि शरद पवार का यह फैसला उचित नहीं लगता है ।
शरद पवार को मनाने जाने वाला प्रतिनिधि मंडल
शरद पवार को प्रधानमंत्री को सम्मानित करनेवाले इस कार्यक्रम में शामिल ना होने के लिए मनाने के उद्देश्य से समाजवादी नेता बाबा आदम के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों के प्रतिनिधि मंडल में एनसीपी शरद गुट, कांग्रेस, (शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे) आम आदमी पार्टी और सीपीएम के नेता शामिल हैं। वे रविवार शाम को पवार से मिलने वाले थे लेकिन एनसीपी नेता ने उन्हें कल का समय नहीं दिया।
एनसीपी नेता ने भी किया विरोध
एनसीपी की राज्यसभा सांसद वंदना चौहान ने कहा कि मैं व्यक्ति रूप से अपनी पार्टी प्रमुख के पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने के खिलाफ हूं,जिन्होंने ने हमारी पार्टी को तोड़ा है और हम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मैंने पवार साहब से इस कार्यक्रम से दूर रहने का आग्रह किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने ही पीएम मोदी को समारोह में आमंत्रित किया था। सम्मान समारोह का आयोजन कर रहे तिलक ट्रस्ट के सदस्यों के समझाने पर उन्होंने ऐसा किया था और यह सब अजीत पवार के नेतृत्व वाले विद्रोह से पहले ही तय हो चुका था।
शिवसेना शरद पवार के इस कार्यक्रम के खिलाफ
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री इंडिया के घटक दलों को तरह-तरह के नाम दे रहे हैं और जब उन्होंने और उनकी पार्टी ने एनसीपी को बर्बाद कर दिया है तो एनसीपी प्रमुख का इस कार्यक्रम में शामिल होना उचित नहीं लगता है। संजय राउत ने कहा की बीजेपी ने न सिर्फ एनसीपी को दो टुकड़ों में तोड़ दिया है बल्कि पीएम ने एनसीपी को भ्रष्ट पार्टी भी बताया है। अगर एनसीपी को इतना नुकसान हुआ है तो उसके पार्टी प्रमुख प्रधानमंत्री का अभिनंदन कैसे कर सकते हैं? ऐसा करके वे अपनी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे।मुझे लगता है कि शरद पवार को समारोह में शामिल होने से बचना चाहिए। राउत ने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर शरद पवार गलत संकेत भेजेंगे। यह लोगों और एनसीपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मन में भ्रम पैदा करेगा। इसका मतलब यह है कि अजित पवार को एनपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष का समर्थन प्राप्त है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होगी जो शरद पवार से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री के सम्मान समारोह में शामिल होने से रोकेगा।शरद पवार के इस सम्मान समारोह में शामिल होने के सवाल के जवाब में कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोड़े ने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले पहले ही कह चुके हैं कि समारोह में शामिल होना है या नहीं होना है।इस बारे में फैसला एनसीपी प्रमुख को करना है।इस मुद्दे को हम शरद पवार पर छोड़ रहे हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चौहान ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शरद पवार का है और इस बारे में बोलने के लिए वही बेहतर व्यक्ति होंगे ।अगर मैं कुछ भी कहूंगा तो इससे गठबंधन में दरार पड़ जाएगी।मैं नहीं चाहता हूं कि ऐसा हो। मैं चाहता हूं कि एमबीए गठबंधन बरकरार रहे क्योंकि हमारे पास लड़ने के लिए एक बड़ा दुश्मन है।
एक अन्य कांग्रेस नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मुझे नहीं लगता है कि आप ऐसे समारोह में शरद पवार को चुप रख सकते हैं।संभावना है कि वह एनसीपी के विभाजन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार भी कर सकते हैं।

