Sharad pawar और Prakash ambedkar नहीं जाएंगे अयोध्या, बोले- ‘BJP-RSS ने धार्मिक कार्यक्रम को हथिया लिया है’

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विकास कुमार
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता शरद पवार और प्रकाश आंबेडकर को मिला। वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर को भी राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता मिला है। इस न्योते का जवाब उन्होंने ट्रस्ट को भेजा और कहा कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इस समारोह को बीजेपी और आरएसएस ने हथिया लिया है। ये धार्मिक समारोह चुनावी फायदे के लिए एक राजनीतिक अभियान बन चुका है। आंबेडकर ने कहा कि मेरे दादा बाबासाहेब आंबेडकर ने चेताया था कि अगर राजनीतिक पार्टियां धर्म, पंथ को देश से ऊपर रखेंगी तो हमारी आजादी दूसरी बार खतरे में आ जाएगी। इसबार शायद हम उसे हमेशा के लिए खो देंगे। आज ये डर सही साबित हो गया है। धर्म, पंथ को देश से ऊपर रखने वाली बीजेपी-आरएसएस अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस समारोह को हड़प चुकी है।

वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार को भी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता मिला है। शरद पवार ने भी अयोध्या जाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को जब प्राण प्रतिष्ठा पूरी हो जाएगी। उसके बाद समय निकालकर वे सहजता से दर्शन के लिए जाएंगे। शरद पवार ने कहा कि उनका अयोध्या आने का कार्यक्रम है। उस समय श्रद्धा के साथ श्री रामलला जी के दर्शन करूंगा। तब तक राम मंदिर का निर्माण भी पूर्ण हो चुका होगा। साफ है कि इंडिया गठबंधन में शामिल अधिकतर राजनीतिक दलों ने अयोध्या जाने से इनकार कर दिया है। अब लोकसभा चुनाव के नतीजों से ही पता चलेगा कि इस फैसले का विपक्ष को कितना सियासी नुकसान होगा।

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