कोलकाता( बीरेंद्र कुमार): पश्चिम बंगाल की जलपाईगुड़ी में मानवता को झकझोर देने वाली घटना घटी। यहां पैसा नहीं होने के कारण एंबुलेंस नहीं मिल पाने के कारण जयकृष्ण और रामप्रसाद नामक पिता – पुत्र को अपनी पत्नी-मां के शव को मजबूरी में बारी-बारी से अपने कंधे पर उठाकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ईलाज में पैसे खर्च हो जाने की वजह से एंबुलेंस के लिए नहीं बचा था पैसा
पत्नी को सांस की समस्या होने पर ईलाज के लिए जयकृष्ण ने उसे जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। यहां 2 घंटे के बाद उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई। इस अस्पताल के बिल चुकाने के बाद उनके पास सिर्फ ₹1200 ही बचे थे।
अस्पताल प्रबंधन से मांगी थी एंबुलेंस
पत्नी की मृत्यु के बाद जयकृष्ण ने शव वाहन के लिए अस्पताल के अधिकारियों से निवेदन किया था, लेकिन अस्पताल के अधिकारियों ने इसे कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने निजी एंबुलेंस के ड्राइवरों से संपर्क किया तो उन्होंने शव पहुंचने के एवज में ₹3000 की मांग की। लेकिन इसके पास केवल ₹1200 ही थे। बार-बार विनती करने पर भी जब कोई एंबुलेंस वाला शव के जाने के लिए तैयार नहीं हुआ तब कोई उपाय न पाकर दिनों पिता-पुत्र ने शव को अपने कांधे पर उठाया और वहां से चलने लगा। बीच शहर में इस प्रकार उन दोनो पिता-पुत्र को बारी-बारी से शव को कंधे पर ले जाते देख कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद एक निजी संस्था ने एंबुलेंस लाकर शव के साथ बाप बेटे को उसके आवास पर पहुंचा दिया।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने दिया जांच का आदेश
मानवता को शर्मसार कर देने वाले इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी आलोचना होने लगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 5 सदस्य जांच दल का गठन किया। यह जांच दल इस बात का पता करेगा कि इस परिवार को राजकीय अस्पताल से कोई मदद क्यों नहीं मिली ? साथ ही मरीजों के परिजनों की सहायता के लिए एक काउंटर सभी अस्पताल में 24 घंटे काम करता है, इसके बावजूद इसे एंबुलेंस किस हालत में नहीं मिला?

