पटना (बीरेंद्र कुमार): बिहार सरकार ने सारण में हुई जहरीली शराब से मौतों की पड़ताल का जिम्मा सीआईडी को सौंपने का फैसला किया है। अब इस मामले की जांच सीआईडी करेगी। पिछले महीने 14 दिसंबर को सारण में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसे लेकर बिहार में सियासत भी तेज हो गई थी। इस मामले को बिहार विधानसभा से लेकर संसद तक उठाया गया था। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन अब इस मामले की जांच की जिम्मेवारी सीआईडी को दे दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में 9 जनवरी को होनी है इस मामले की सुनवाई
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सारण में जहरीली शराब कांड की जांच अब सीआईडी करेगी। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय ने एक आदेशपत्र भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार इसुआपुर और मसरख थाने में दर्ज केस की जांच अब सीआईडी के तहत मद्य निषेध इकाई करेगी। सारण जहरीली शराब कांड मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 9 जनवरी को सुनवाई होनी है,वहां दाखिल याचिका में इस मामले की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई से पहले बिहार सरकार के इस फैसले को उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सारण जहरीली शराब कांड में 45 लोगों की हुई थी मौत
गत दिसंबर महीने में जहरीली शराब से हुई 45 मौतों की जांच के लिए पहले बिहार सरकार ने एसआईटी का गठन किया था, जिसका नेतृत्व सोनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार को सौंपा गया था। इसके अलावा 31 पुलिस पदाधिकारी और तीन डीएसपी को भी टीम में शामिल किया गया था। एसपी संतोष कुमार ने घटना के बाद ही मसरख थाना अध्यक्ष रितेश मिश्रा और हल्का चौकीदार विकेश तिवारी को कर्तव्य हीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी भी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

