Bihar News:बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Patna के बिहटा में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया, जिसने राज्य के इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई उम्मीद जगा दी है। इस सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री Samrat Choudhary और केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने संयुक्त रूप से किया।
‘Make in Bihar’ को मिलेगी नई ताकत, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि बिहार अब तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है और यह टेक्नोलॉजी सेंटर उसी बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्किल, आधुनिक तकनीक और बेहतर माहौल देना है ताकि वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। ‘Make in Bihar’ के विजन को आगे बढ़ाने में यह सेंटर गेमचेंजर साबित होगा।
हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस सेंटर, इंजीनियरिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक फायदा
बिहटा का यह प्रौद्योगिकी केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर से जुड़े युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पारंपरिक उद्योगों को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
बिहार से ग्लोबल मार्केट तक कनेक्शन, MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट

केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने कहा कि यह पहल बिहार के औद्योगिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ने जा रही है।उन्होंने बताया कि यह सेंटर और इसके एक्सटेंशन सेंटर—Muzaffarpur, Rohtas, Darbhanga और Munger—स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को न सिर्फ ट्रेनिंग देंगे, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का काम भी करेंगे।
SC/ST उद्यमियों और ग्रामीण युवाओं को मिला बड़ा प्लेटफॉर्म
कार्यक्रम के दौरान SC/ST हब के तहत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की गई, जिससे वंचित वर्ग के उद्यमियों को मुख्यधारा में लाने की पहल की गई।
इसके साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना और पीएमईजीपी के लाभार्थियों को टूलकिट, चेक और प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए, जिससे स्वरोजगार को जमीनी स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
आत्मनिर्भर बिहार की ओर बड़ा कदम, निवेश और रोजगार दोनों को मिलेगा बूस्ट

उद्योग विभाग का मानना है कि इस तरह की पहल से राज्य में निवेश आकर्षित होगा, औद्योगिक माहौल मजबूत होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह टेक्नोलॉजी सेंटर बिहार को एक विकसित, आत्मनिर्भर और इंडस्ट्रियल पावरहाउस बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

