पटना: भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि (बलिदान दिवस) पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इसी अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर एक भव्य नए पार्क को जनता को समर्पित किया जाएगा।
मंगलवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
डॉ. मुखर्जी को बताया अखंड भारत का प्रणेता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित, सांस्कृतिक स्वाभिमान और अखंड भारत की भावना को समर्पित था। उन्होंने कहा कि पंडित चाणक्य के बाद यदि किसी नेता ने भारत की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा संघर्ष किया, तो वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे।
उन्होंने कहा कि “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का विचार डॉ. मुखर्जी की देन था, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दी।
अगले साल बनेगा डॉ. मुखर्जी स्मृति पार्क
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए अगले वर्ष उनके नाम पर एक भव्य पार्क तैयार कर जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और जनसेवा की प्रेरणा देगा।
धारा 370 हटाने का भी किया जिक्र
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक फैसले देखे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जनता ने ऐसा जनादेश दिया, जिसके बल पर जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने जैसे बड़े निर्णय संभव हुए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और जनसंघ की विचारधारा हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानती रही है और यही विचार देश को मजबूत बनाने का आधार है।
2 सांसद से 282 सांसद तक का सफर
मुख्यमंत्री ने भाजपा की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1984 में पार्टी के केवल दो सांसद थे, लेकिन जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर वर्ष 2014 में पार्टी 282 सांसदों के साथ देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने और विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कई नेता रहे मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद राधा मोहन सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, विधायक रत्नेश कुशवाहा, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल, पूर्व विधायक पवन जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन करते हुए कहा कि उनका राष्ट्रवादी चिंतन और बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

