S Jaishankar China Statement: भारत और चीन के बीच संबंध सुधारने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सामान्य रिश्तों के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि दोनों देशों के संबंधों में वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब सीमा पर हालात शांतिपूर्ण बने रहें।
जयशंकर के मुताबिक, वर्ष 2024 से सीमा पर स्थिति में सुधार हुआ है। इससे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बनी हैं। हालांकि, भारत का मानना है कि इस सुधार को कायम रखना बेहद जरूरी है और सीमा पर किसी नए तनाव से बचना होगा।
2020 की झड़प से बिगड़े थे संबंध
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। इसका असर केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध भी प्रभावित हुए। हालात सुधारने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई।
चीन के लिए भारत का स्पष्ट संदेश
भारत का रुख है कि सीमा पर स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं के बावजूद सीमा पर तनाव रिश्तों को सामान्य बनाने की राह में बाधा बन सकता है।
जयशंकर के बयान से स्पष्ट है कि भारत संबंधों में सुधार का पक्षधर है, लेकिन इसके लिए सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी मानता है। अब दोनों देशों के सामने चुनौती इस स्थिरता को बरकरार रखते हुए आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने की है।

