- बीरेंद्र कुमार झा
लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव के परिवार और करीबियों के पास से करीब ₹1 करोड रुपए नगद बेहिसाब मिला है ,जबकि करीब 600 करोड़ के लेनदेन के अवैध कारोबार का पता चला है। ईडी के हवाले से यह दावा किया गया है कि लालू प्रसाद के परिवार की ओर से और रियल स्टेट और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश का पता चला है। इसकी जांच चल रही है।
ईडी ने एक साथ करीब 25 ठिकानों पर की थी छापेमारी
शुक्रवार को आरजेडी के पूर्व विधायक अबू दुजाना के अलावा तेजस्वी प्रसाद यादव, रागिनी यादव,हेमा यादव, चंदा यादव, अमित कत्यार, नवदीप सरदाना, प्रवीण जैन और अजय कुमार के यहां छापेमारी की गई थी ।जांच एजेंसी ने पटना दिल्ली रांची मुंबई, यूपी और हरियाणा में एक साथ करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि छापेमारी में लालू यादव की बेटियों और तेजस्वी यादव के घर पर 70 लाख कैश,दो किलो सोना और $1900 डॉलर मिले।बरामद सोने में डेढ़ किलो जेवरऔर 540 ग्राम सोने का सिक्का है।
250 करोड़ रुपए के लेन देन के मिले दस्तावेज
ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि छापेमारी में लगभग 600 करोड रुपए की आपराधिक आय का पता चला है। अब तक की जांच में पता चला है कि 600 करोड़ की संपत्ति गलत तरीके से अर्जित की गई है। इसमें से ₹350 करोड़ की अचल संपत्ति मिली है, वहीं बेनामी लोगों के नाम पर ₹250 करोड़ के लेनदेन किए गए हैं। ईडी ने कहा है कि अब तक की गई जांच से पता चला है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार द्वारा रेलवे में नौकरी दिलाने की एवज में पटना और अन्य क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर कई जमीनों की अवैध रूप से रजिस्ट्री कराई गई।इन जमीनों का वर्तमान बाजार मूल्य ₹200 करोड़ से ज्यादा है। ईडी ने इन जमीनों की रजिस्ट्री के लिए खड़े किए गए कई बेनामी लोगों, फर्जी संस्थाओं और दूसरे लोगों की पहचान की है।
