बीरेंद्र कुमार झा
चांद की सतह पर तकरीबन 2 सप्ताह भ्रमण करने के बाद अब प्रज्ञान रोवर विक्रम लेंडर के भीतर जाकर स्लीपिंग मोड में चला गया है।इसरो ने एक्स पर ताजा अपडेट दिया है।चंद्रयान 3 मिशन के रोवर प्रज्ञान ने पहले चरण में अपना काम पूरा कर लिया है।अब रोवर प्रज्ञान सुरक्षित रूप से लैंडर विक्रम के भीतर चला गया है। इसरो ने इसे स्लीपिंग मोड में डाल दिया है। इस वक्त लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान दिनों ही चांद की सतह पर आराम कर रहे हैं। इसरो ने आगे कहा कि अभी चांद पर शाम का वक्त हो गया है और सूरज के छिपने के बाद कल धरती के समय से वहां रात शुरू हो जाएगी। चांद पर एक रात धरती के 14 दिनों के बराबर होती है।
भारत के चंद्रदूत के रूप में हमेशा दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद रहेगा रोवर
रोवर प्रज्ञान ने चांद की सतह पर अपने भ्रमण के दौरान कई तत्वों की खोज की। इसरो के मुताबिक रोवर की सबसे बड़ी खोज सल्फर है। इसके अलावा अन्य कई तत्वों की भी खोज हुई है। रोवर का अगला काम हाइड्रोजन की तलाश करना है। इसरो ने कहा वर्तमान में रोवर की बैटरी पूरी तरह से चार्ज है। सौर पैनल के अनुसार 22 सितंबर 2023 को चांद पर सूर्य का उदय अपेक्षित है।इसके बाद रोवर अपना काम फिर शुरू करेगा।इसरो ने कहा कि रोवर के नए मिशन के लिए हम एक्साइड है।उम्मीद है कि यह हमेशा भारत के चंद्र राजदूत के रूप में वहीं रहेगा।
रात में क्यों नहीं घूम सकता रोवर
चांद की दक्षिणी ध्रुव पर मौसम बहुत ही प्रतिकूल है।यहां सूरज की मौजूदगी में तापमान 100 डिग्री से ऊपर चला जाता है, लेकिन अंधेरा होते ही यहां का तापमान – 280 डिग्री से भी नीचे चला जाता है। ऐसे में रात के वक्त रोवर का चांद पर घूमन खतरनाक हो सकता है।इतनी भयानक ठंड में रोवर की मशीन काम करना बंद कर सकती है। इसलिए इसरो ने चांद पर रात शुरू होने से पहले ही रोवर को विक्रम के भीतर स्लीपिंग मोड में डाल दिया है।
गौरतलब कि 26 किलोग्राम और 6 पहियों वाला प्रज्ञान रोवर सौर ऊर्जा से संचालित है। सूर्य की रोशनी में यह चार्ज होता है।दिन के वक्त यह अपना काम बखूबी कर रहा था। रात होने के बाद इसके बैटरी डिस्चार्ज होने का भी खतरा है,इसलिए बैटरी चार्ज करके रोवर को विक्रम के भीतर भेज दिया गया है। इसरो ने कहा कि एपीएक्सएस और एलआईबीएस पेलोड को बंद कर दिया गया है। इन पेलोड से डाटा लैंडर विक्रम के माध्यम से पृथ्वी पर प्रेषित किया जाता है।
क्या-क्या खोज चुका रोवर प्रज्ञान
रोवर प्रज्ञान ने चांद पर अल्युमिनियम, सिलिकॉन,कैल्शियम और लोहे जैसे प्रमुख अपेक्षित तत्वों के अलावा सल्फर समेत दिलचस्प छोटे तत्वों की उपस्थिति की खोज की है।रोवर पर लगे लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप उपकरण ने दो बार सल्फर की मौजूदगी की पुष्टि भी की है। अब रोवर का अगला मिशन हाइड्रोजन समेत अन्य महत्वपूर्ण तत्वों की खोज करना है।

