बीरेंद्र कुमार झा
अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। इस कड़ी में धर्मपथ पर सूर्य स्तंभ स्थापित किया जा रहा है। अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि लतामंगेशकर चौक के पास धर्म पथ पर आरंभ और समापन बिंदु के बीच नियमित अंतर पर सूर्य स्तंभ स्थापित किया जा रहा है।वहीं रामलला का गर्भ गृह पूरी तरह से तैयार हो चुका है। 400 फीट लंबे और 300 फीट चौड़े गर्भ गृह की अद्भुत नक्कासी बेहद आकर्षित करने वाली है।मंदिर की चौखट पर पहुंचते ही भक्तों को सबसे पहले गज नजर आएंगे। 32 सीढ़ियां चढ़कर भक्त गर्भ गृह तक पहुंचेंगे। करीब 20 फीट की दूरी से भक्तों को रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे। राम मंदिर के दरवाजों का निर्माण वैष्णव परंपरा के तहत किए गए हैं।भूतल में कुल 14 दरवाजे बनाए गए हैं।गर्भगृह की फर्श पर संगमरमर लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस बीच काशी विद्वत परिषद ने रामलला के सिंहासन के रूप में नवरत्नों का प्रस्ताव राम मंदिर ट्रस्ट को दिया है।राम मंदिर के गर्भ गृहों में नवरत्नों से निर्मित सुमेरु पर्वत पर रामलाल को विराजमान कराया जाएगा।सुमेरु पर्वत का निर्माण हीरा, पन्ना और माणिक्य जैसी बहुमूल्य रत्नों से होगा। काशी विद्वत परिषद की ओर से काशी के समस्त देवताओं को भी आमंत्रण देने की तैयारी की जा रही है।जिन देवताओं को आमंत्रण दिया जा रहा है उसमें 9 गौरी, नवदुर्गा, 56 विनायक, अष्ट भैरव,द्वारा आदित्य ,संकट मोचन सहित योगानियां शामिल हैं।
20 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक
इस बीच प्राण प्रतिष्ठा से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला किया है। ट्रस्ट ने20 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन पर रोक लगा दी है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मौके पर अयोध्या के श्री राम मंदिर में होने वाले मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह दोपहर करीब 12:30 बजे होगा।इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता और हस्तियां मंदिर परिषद में मौजूद रहेंगी। अधिकांश लोग प्राण प्रतिष्ठा से कुछ दिन पहले अयोध्या पहुंच जाएंगे। सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रस्ट ने रामलला का दर्शन बंद करने का फैसला किया है।
23 जनवरी से मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए दुबारा खुल जाएंगे
ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने आगे बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद 23 जनवरी से मंदिर के पट दोबारा खुल जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन पहले ही की तरह कर पाएंगे ।प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर लगभग 7000 लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि जिन्हें निमंत्रण पत्र नहीं मिला है, वे अयोध्या नहीं आएं, बल्कि अपने घर के पास ही बने मंदिरों में पूजा पाठ करें या फिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमों को घरों पर बैठकर टीवी पर देखें। उन्होंने अपील की कि इस दिन लोग अपने घर के बाहर दीपक जलाकर दिवाली मनाएं। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर सभी लोग भजन- कीर्तन कीजिए।इस दिन अभिजीत मुहूर्त है, मृगशीर्ष नक्षत्र है। सभी प्रकार से शुभ दिन है। सभी के परिवार के लिए यह दिन कल्याणकारी है।
