इसे पश्चाताप नहीं मानेंगे,राहुल गांधी की सेवा पर भी नहीं पिघला एसजीपीसी

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बीरेंद्र कुमार झा

भारत जोड़ो यात्रा के शुरुआत के बाद कांग्रेस को दो राज्यों में सरकार बनाने में मिली सफलता से राहुल गांधी खासे उत्साहित हैं। खास संवर्ग के वोटों की प्रत्याशा में कभी वे किसानों के बीच बैठते हैं तो कभी कुलियों के बीच और कभी कारीगरों के बीच।इसी क्रम मैं राहुल गांधी अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंच गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर जाने कोंलेकर राजनीति तेज हो गई है।पवित्र गुरुद्वारे में राहुल गांधी के लंगर खाने और सेवा करने का कई सिख स्कॉलर्स ने स्वागत किया है, लेकिन सिखों की शीर्ष संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने उनके विजिट का विरोध किया है। एसजीपीसी के जनरल सेक्रेटरी हरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि राहुल गांधी की दादी ने अकाल तख्त पर हमला कराया था। उनके पिता ने दिल्ली में सिखों पर हुए अत्याचारों को यह कहते हुए सही ठहराया था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है।किसी के भी तरफ से सिखों के जख्म सहलाने की कोई कोशिश नहीं की गई।ऐसे में क्या हम उनकी विजिट को पश्चाताप मान सकते हैं?

एसजीपीसी ने राहुल गांधी के विजिट पर उठाए सवाल

एसजीपीसी के सेक्रेटरी हरचरण सिंह ग्रेवाल ने राहुल गांधी की सावसलों के घेरे में लेते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी उन कांग्रेसी नेताओं पर कुछ कहेंगे जो सिक्खों पर हुए हमले में शामिल थे। वे नेता आज भी कांग्रेस की बैठकों में शामिल होते हैं।अपने पिता के हथियारों से मिलने के लिए प्रियंका गांधी जेल तक गई थी, लेकिन वह कभी दिल्ली में जाकर विधवा कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं से नहीं मिली, ऐसा क्यों? इस तरह एसजीपीसी ने राहुल गांधी की विजिट पर राजनीतिक हमला बोला है।

राहुल गांधी के स्वर्ण मंदिर विजिट पर बंटे सिक्ख समुदाय

एसजीपीसी के द्वारा राहुल गांधी की विजिट पर राजनीतिक हमला बोलने को लेकर सिक्ख समुदाय के कई स्कॉलर उसे गलत ठहरा रहे है।लेखक अजमेर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारे वैचारिक मतभेद रहे हैं, लेकिन यह सनक नहीं होना चाहिए। यह मानवीय मसला है। शायद राहुल गांधी को इस बात पर अफसोस हो जो किसी दौर में हुआ था। अजमेर सिंह ने कहा कि एसजीपीसी को राहुल गांधी पर इस तरह से अटैक नहीं करना चाहिए।यदि वह पॉलिटिकल विजिट पर आते तो बात अलग थी। वह तो एक श्रद्धालु के तौर पर आए थे और गुरु के दर पर सभी का स्वागत है।उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने तो भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भी बुलाया था, जबकि उन्होंने अकाल तख्त पर हमला करने की मांग की थी। गौरतलब हैं कि राहुल गांधी गुरुद्वारा पहुंचे तो वहां महिलाओं के बीच बैठकर इन्होंने सब्जी भी काटी थी। इसके अलावा जोड़ा घर में जाकर भी सेवा की थी। राहुल गांधी के इस व्यवहार की तारीफ की जानी चाहिए।

अकाली दल के यूनिट के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने भी राहुल गांधी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं उनके सद्भाव का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को इस मामले में पहला बयान नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा सिखों के इतिहास से भी समझना चाहिए जहांगीर ने गुरु अर्जन देव की हत्या कराई थी, लेकिन बाद में गुरु गोविंद सिंह ने उनके साथ भी अच्छे रिश्ते रखे थे।यह नहीं किसी के पूर्वजों की गलतियों के लिए उसे ब्लेम करना भी सिखों की परंपरा नहीं रही है।

 

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