न्यूज़ डेस्क
उत्तराखंड टनल में फंसे सभी मजदूर आज सकुशल बाहर निकल गए। पूरा देश इस रेस्क्यू ऑपरेशन से गदगद है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ऑपरेशन चलने वाले सभी एक्सपर्ट्स को सलाम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बचाव अभियान से जुड़े लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।”
सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद सभी मजदूरों को चिकित्सा देखभाल के लिए सिल्क्यारा सुरंग स्थल से कई एंबुलेंस के जरिये अस्थायी अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया।
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग के अंदर 12 नवंबर को अलसुबह 5:30 बजे मलबा गिरने की वजह से 41 मजदूर फंस गए थे। उन्हें बचाने के लिए पिछले 17 दिनों से विभिन्न् एजेंसियों के समन्वय में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में मंगलवार को बड़ी सफलता मिली और रात 8 बजे के करीब पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया। इसके बाद धीरे-धीरे करके बाकी सभी मजदूरों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों में से पहले श्रमिक को जैसे ही बाहर निकाला, तो बाहर मौजूद सभी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद वहां पर मौजूद रहे। उन्होंने बाहर निकले मजदूरों से बातचीत की और उनका हाल जाना। इसके फौरन बाद मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू हो गया। सभी मजदूरों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। टनल के अंदर डॉक्टर्स की टीम भी तैनात की गई थी।

