Bihar News: बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को नई दिशा देने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने सोमवार को लखीसराय जिले के कजरा स्थित सौर ऊर्जा सह बैटरी भंडारण परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह परियोजना बिहार के ऊर्जा सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो राज्य को स्वच्छ और स्थिर बिजली आपूर्ति की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
301 मेगावाट सोलर और बैटरी स्टोरेज से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
कजरा परियोजना की कुल क्षमता 301 मेगावाट सौर ऊर्जा और 523 मेगावाट-आवर बैटरी भंडारण की है। इसका पहला चरण पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें 185 मेगावाट सोलर और 282 मेगावाट-आवर बैटरी सिस्टम चालू है।
दूसरे चरण में 116 मेगावाट सोलर और 241 मेगावाट-आवर बैटरी स्टोरेज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। मंत्री ने निर्देश दिया कि फेज-2 का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि राज्य को इसका पूरा लाभ मिल सके।
अब रात में भी मिलेगी सौर ऊर्जा, 4 घंटे तक सप्लाई
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम है। मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने इसका निरीक्षण करते हुए बताया कि यह सिस्टम सूर्यास्त के बाद भी लगभग 4 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।इससे न सिर्फ पीक डिमांड के समय बिजली संकट कम होगा, बल्कि ग्रिड की स्थिरता भी मजबूत होगी।
निरीक्षण के बाद पौधरोपण, अधिकारियों संग समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद ऊर्जा मंत्री ने परियोजना स्थल पर पौधरोपण भी किया। इसके बाद एलएंडटी और बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार में ग्रीन एनर्जी के विस्तार के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
फ्लोटिंग और रेज्ड सोलर प्रोजेक्ट पर बड़ा प्लान
ऊर्जा मंत्री ने उत्तर बिहार के तालाबों और जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर और पहाड़ी क्षेत्रों में रेज्ड सोलर स्ट्रक्चर की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीकों का अध्ययन कर राज्य में और अधिक प्रभावी एवं उन्नत ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जाएं।
बिहार में ऊर्जा सुरक्षा की ओर बड़ा कदम
कजरा सोलर परियोजना को बिहार में स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि राज्य में निवेश और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।


