रेखा गुप्ता बनी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री

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5 फरवरी को हुए दिल्ली के विधानसभा चुनाव के परिणाम यद्यपि 8 फरवरी को ही आ गए थे, लेकिन इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी विभिन्न कारणों से वहां अपने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं कर पा रही थी। अब दिल्ली चुनाव परिणाम आने के 11 दिन बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली को अपना मुख्यमंत्री दे दिया है।अब रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बीजेपी LG के पास सरकार बनाने का दावा पेश करेंगी ताकि 20 फरवरी को वे रामलीला मैदान में पद और गोपनीयता की शपथ के सकें।

विभिन्न राज्यों में जीत हासिल करने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी अब तक विभिन्न जातिगत समीकरणों को साधते हुए सिर्फ पुरुष मुख्यमंत्री का ही चुनाव कर रही थी। दिया कुमारी जैसे कुछ महिला नेत्री बड़ी भूमिका में आई तो भी वह उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक ही जा सकी। लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी ने इस परंपरा को तोड़ते हुए वैश्य समुदाय से आने वाली महिला चेहरा रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाकर विभिन्न राज्यों की आगामी चुनाव को देखते हुए आधी आबादी को अपने पक्ष में करने का बड़ा दांव चल दिया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी तीनों ने ही दिल्ली को एक-एक महिला मुख्यमंत्री बनाया था। रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुनकर भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में एक अंक की बढ़त ले ली है। सुषमा स्वराज के बाद रेखा गुप्ता अब दूसरी महिला है, जो भारतीय जनता पार्टी की तरफ से दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद के लिए चुनी गई है।अब 20 फरवरी को रेखा गुप्ता रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण करेंगी।दिल्ली के नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें निम्न है।

रेखा गुप्ता दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे मौजूदा समय में दिल्ली बीजेपी की महासचिव और बीजेपी के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

50 वर्षीय रेखा का जन्म हरियाणा के जींद जिले में स्थित नंदगढ़ गांव में 1974 में हुआ था। उनके पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी पद पर थे।

1976 में रेखा का परिवार दिल्ली में शिफ्ट हो गया था। तब उनकी उम्र महज दो साल थी। इसके बाद रेखा की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक दिल्ली में हुई।

रेखा गुप्ता बचपन में पढ़ाई-लिखाई के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन (आरएसएस) के स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ गई थीं। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह दौलत राम कॉलेज में सचिव का चुनाव जीतने में सफल रहीं। 1995-96 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव लड़ा और अध्यक्ष बनीं। रेखा ने इसके बाद एलएलबी तक की पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद रेखा गुप्ता 2003-04 में बीजेपी युवा मोर्चा की दिल्ली इकाई से जुड़ीं और यहां सचिव पद पर रहीं। इसके बाद 2004 से 2006 तक उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव के तौर पर जिम्मेदारी निभाई।

रेखा गुप्ता 2007 में उत्तर पीतमपुरा से पार्षद बनीं।
2007-09: एमसीडी में महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की दो साल तक अध्यक्ष रहीं।
2009: दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव रहीं।
2010: भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य की जिम्मेदारी दी।
2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में इन्हें सफलता नहीं मिली थी।
रेखा गुप्ता को 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से चुनाव में उतारा गया। जहां 2015 में उन्हें आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी ने करीब 11 हजार वोटों से हराया तो वहीं 2020 में उनकी हार का अंतर 3400 वोट के करीब था। हालांकि, 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वंदना कुमारी को बड़े अंतर से हरा दिया।

वंदना गुप्ता पैसे से वकील हैं।

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