आम आदमी पार्टी को 2012 में अपने गठन के बाद से अबतक का सबसे बड़ा सियासी झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो अन्य पार्टी सांसदों के साथ ‘आप’ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसके पहले उन्होंने पार्टी सांसदों के साथ बीजेपी में विलय की घोषणा की थी। यह भी एलान किया कि उनके साथ पार्टी के 2/3 राज्यसभा सांसद हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सामने दिल्ली में भी विधायकों बड़ी टूट का खतरा मंडराने लगा है।
राघव चड्ढा के साथ पार्टी के बीजेपी में विलय की घोषणा करने प्रेस कांफ्रेंस में आए दो अन्य सांसदों में संदीप कुमार पाठक और अशोक कुमार मित्तल भी शामिल हैं। अब दिल्ली बीजेपी के एक पदाधिकारी ने नाम नहीं जाहिर होने देने की शर्त पर ऑनलाइन को बताया है कि अभी दिल्ली विधानसभा में खेल होना तो बाकी ही है।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 22 विधायक हैं। इनके बीजेपी में शामिल होने के लिए कम से कम 16 का आंकड़ा चाहिए। मतलब, अगर राघव चड्ढा का गुट एक और विधायक को साथ लेने में सफल हो गया, तो अरविंद केजरीवाल के हाथ से दिल्ली में भी पार्टी का झाड़ू छिटक सकता है।
संदीप कुमार पाठक को आम आदमी पार्टी के संगठन का मुख्य आधार माना जाता रहा है। लेकिन, अब वह पार्टी नेतृत्व के साथ नहीं हैं। बताया जाता है कि उनके पास पार्टी से जुड़ा काफी डेटा है। यूं भी एकसाथ सात-आठ सांसदों के टूट जाने से पार्टी को पहले ही बहुत बड़ी आर्थिक चोट लग चुकी है, जिससे पंजाब की राह बहुत मुश्किल है। अभी जितने भी सांसद आप से निकल रहे हैं, उनमें से एक को छोड़कर सभी पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राघव चड्ढा ने दो-तिहाई सांसदों के साथ छोड़ा आप का साथ
शुक्रवार की घटना से पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद थे। अभी इनमें से जिनके पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने की बात सामने आ रही है, वे हैं-
राघव चड्ढा
अशोक मित्तल
संदीप कुमार मित्तल
हरभजन सिंह
राजिंदर गुप्ता
विक्रम साहनी
स्वाति मालीवाल
इनके बाद आम आदमी पार्टी में जो तीन राज्यसभा सांसद रह गए हैं, वे हैं- संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और बलवीर सिंह सीचेवाल। चौंकाने वाली बात है कि बीजेपी सूत्र एक आप सांसद के हस्ताक्षर बाकी रहने की बात कर रहे हैं और बलवीर सिंह सीचेवाल ने अपने एक्स हैंडल के बायो से आम आदमी पार्टी का नाम हटा लिया है।
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर यह कहकर बम फोड़ दिया कि उनके साथ दो-तिहाई सांसद न सिर्फ पार्टी छोड़ रहे हैं, बल्कि इसका बीजेपी में विलय कर रहे हैं। राघव चड्ढा के साथ ऐसा करने वाले 6 अन्य सांसदों का भी नाम सामने आया है। लेकिन, बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि असल में यह संख्या 8 होना है, जिनमें से एक ‘आप’ सांसद का अभी विलय पत्र पर हस्ताक्षर बाकी रह गया है।

