न्यूज़ डेस्क
अमेरिका की यात्रा पर गए राहुल गाँधी ने मीडिया के सामने कई बातों का खुलास किया है। उन्होंने भारत रूस के सम्बन्धो पर बात की है और चीन के साथ भारत के बिगड़ते रिश्तो पर भी अपनी राय रखी है राहुल गांधी से जब यह पूछा गया कि कांग्रेस भारत-रूस संबंधों पर क्या प्रतिक्रिया देगी? इस पर उन्होंने कहा कि मैं रूस को उसी तरह जवाब दूंगा जैसे भाजपा ने दिया था। हम उसी तरह से जवाब देंगे। क्योंकि भारत के रूस के साथ इस तरह के संबंध हैं और इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। हमारी नीति समान होगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-चीन संबंध को लेकर कहा कि चीन के दवाब में आकर भारत पीछे नहीं हट सकता है। दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध जटिल हैं। ये सुधरने वाले नहीं हैं। एक छात्र ने जब उनसे पूछा कि आप अगले 5-10 वर्षों में भारत-चीन संबंधों को कैसे विकसित होते हुए देखते हैं? इस पर राहुल ने जवाब दिया कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध कठिन है। इन्हें सुधारना आसान नहीं है। चीन ने हमारे कुछ क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर चीन समझता है कि भारत को कमजोर कर सकता है, तो ऐसा कुछ होने वाला नहीं है।
राहुल गाँधी विपक्षी एकता को लेकर भी कई सवालों के जवाब दिए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष बहुत अच्छी तरह से एकजुट है और निचले स्तर पर भी बहुत अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक छिपी हुई अंतर्निहित निर्माण प्रक्रिया चल रही है और यह अगले आम चुनावों में लोगों को “आश्चर्यचकित” करेगी। अमेरिका के तीन शहरों के दौरे पर आए गांधी ने यहां नेशनल प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत के दौरान कई सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की।
गांधी ने कहा कि मुझे लगता है कि पार्टी अगले दो वर्षों में बहुत अच्छा करेगी। मुझे लगता है ऐसा होगा। उन्होंने आगे कहा मुझे लगता है कि एक छिपी हुई अंतर्निहित निर्माण प्रक्रिया चल रही है और इसका परिणाम लोगों को आश्चर्यचकित करेगा। कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणामों की ओर इशारा करते हुए गांधी ने कहा, अगले तीन या चार राज्यों के चुनावों का इंतजार करें और देखें। जो होने वाला है उसका यह एक बेहतर संकेत है। गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस ने शानदार बहुमत हासिल किया और भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया।
एक अन्य सवाल के जवाब में गांधी ने कहा कि भारत में विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। और मुझे लगता है कि यह ज्यादा से ज्यादा एकजुट हो रहा है। हम सभी विपक्षी दलों के साथ बातचीत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि काफी अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा, यह एक जटिल चर्चा है क्योंकि ऐसे भी स्थान हैं जहां हमारी अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ भी प्रतिस्पर्धा है। इसलिए, यह आवश्यकतानुसार थोड़ा लेन-देन का मामला है। लेकिन मुझे विश्वास है कि ऐसा होगा।
